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अब 1500 छात्रों का एक साल होगा बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 20 Oct 2014 09:19 AM IST
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बहु तकनीकी संस्थानों में कैरी आॅन सिस्टम की सुविधा समाप्त करने के कारण अब 1500 से अधिक छात्र छात्राओं का एक साल बर्बाद हो जाएगा। इस सिस्टम को फिर से शुरू करने और एक सेमेस्टर में 6 में से तीन पेपरों में पास होने की शर्त की अनिवार्यता समाप्त करने के लिए मंत्री ने इनकार कर दिया है।
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शनिवार को 18 से अधिक बहु तकनीकी संस्थानों के 40 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उक्त मांगों को लेकर तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली से मुलाकात की थी। मंत्री ने छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि यह कैबिनेट का फैसला है और इसमें अब किसी तरह के छूट की गुंजाइश नहीं है। अपनी मांगों को मनाने के मद्देनजर छात्रों ने एक संघर्ष समिति का भी गठन किया है।
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समिति के अध्यक्ष विशाल शर्मा ने कहा कि यह समस्या 2013 बैच के छात्र-छात्राओं को आ रही है। उन्होंने कहा कि संस्थानों ने जान-बूझकर प्रदेश सरकार के उक्त फैसलों को छात्रों से छुपाए रखा और नई एड्मिशन करवा दी। नई शर्त के अनुसार जो छात्र पहले सेमेस्टर में 6 में 3 में फेल हो जाते हैं उन्हें अगले में प्रवेश नहीं मिलेगा, मतलब कैरी आॅन सिस्टम नहीं चलेगा, जबकि पहले 3 और इससे कम पेपरों में पास हुए छात्र अगले सेमेस्टर में बैठ जाते थे।
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अब कम से कम 50 फीसदी विषयों में पास होना अनिवार्य है। तीन साल के डिप्लोमा में 6-6 विषयों के 6 सेेेमेस्टर होते हैं। इसके अलावा कमेटी के उपाध्यक्ष सुमित ठाकुर, सचिव धीरज राणा और सहसचिव अंकित दिवान ने कहा कि सरकार चाहे तो वह 1500 बच्चों का एक साल बचा सकती है।
अभी अगले सेमेस्टर में जाने के लिए अंतिम तारीख 31 अक्तूबर है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से भी मिलेंगे और एक साल के लिए नियमों में छूट की मांग करेंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली ने कहा कि यह केबिनेट का फैसला है और फाइल तकनीकी शिक्षा सचिव को भेज दी गई है। इस बारे में अब कुछ नहीं हो सकता है।