क्या हुआ जो कम मार्क्स हैं, यहां एडमिशन तब भी मिलेगा
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हाईस्कूल में कम अंकों में पास होने के बाद भी डिप्लोमा इंजीनियरिंग करने की चाहत रखने वालों को मायूस होने की जरूरत नहीं है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग अब ऐसे छात्रों को मेरिट गिराकर निजी पॉलीटेक्निक में सीधे प्रवेश देने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है। इस संबंध में शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
मौजूदा व्यवस्था में हाईस्कूल में 50 फीसदी अंक पाने वाला ही सीधे प्रवेश के लिए पात्र माना गया है। नई व्यवस्था में केवल गणित और विज्ञान में 50 फीसदी अंक पाने वाला भी सीधे प्रवेश पाने के लिए पात्र होगा।
उत्तर प्रदेश में मौजूदा समय 287 निजी पॉलीटेक्निक में 73,250 सीटें हैं। ऑनलाइन काउंसलिंग से सीटें भरने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी करीब 40 हजार के आसपास सीटें खाली हैं।
प्राविधिक शिक्षा विभाग निजी पॉलीटेक्निक की खाली सीटों पर सीधे प्रवेश की अनुमति प्रबंधन को देता है। इस बार भी 14 अगस्त तक सीधे प्रवेश की अनुमति दी गई है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग चाहता है कि कम अंकों में यदि हाईस्कूल में छात्र प्रवेश चाहते हैं तो उन्हें मौका दिया जाए।
इसके लिए तर्क दिया गया है कि पॉलीटेक्निक में प्रवेश परीक्षा के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता नहीं है तो ऐसे में निजी पॉलीटेक्निक में सीधे प्रवेश के लिए 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता की क्या जरूरत है।
प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर उच्चाधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श हो चुका है। इस पर शीघ्र ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है।
इसके अलावा यह भी प्रस्ताव है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद यदि निजी पॉलीटेक्निक वालों ने छात्रों को प्रवेश दिया तो उन्हें सालाना परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके लिए निजी पॉलीटेक्निक वालों से शपथ-पत्र लिया जाएगा कि उन्होंने तय अवधि के बाद छात्रों को सीधे प्रवेश नहीं दिया है।