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काउंसलिंग में फर्जीवाड़ा रोकने को यूपीटीयू का 'खास प्लान'
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 25 Jun 2014 04:22 AM IST
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उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) संबद्ध इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) काउंसलिंग को पूरी तरह फूल प्रूफ बनाने की तैयारी कर रहा है।
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यूपीटीयू इस बार डाक्यूमेंट की जांच कर रहे शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए उनका डिजिटल सिगनेचर करवाएगी ताकि वे डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन के काम को पूरी गंभीरता से करें।
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अगर कहीं कोई लापरवाही पाई गई तो जिस छात्र ने दाखिला लिया है उसका प्रवेश तो रद्द होगा ही साथ ही शिक्षक पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यूपीटीयू के प्रति कुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव ने बताया कि इस बार एसईई काउंसलिंग में सभी स्टूडेंट्स का पहले डाक्यूमेंट वेरिफिकेशन का काम इसलिए ही करवाया जा रहा है ताकि गड़बड़ी करने वाले पहले ही पकड़ में आ जाए और उसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो।
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वेरिफिकेशन के काम में काफी सावधानी बरती जा रही है। स्टूडेंट ने अगर दाखिले के लिए फर्जी डाक्यूमेंट लगाए तो पहले उसे शिक्षक ही जांच में पकड़ लेंगे।
अगर कहीं किसी स्तर पर चूक हुई तो हमें आगे दोबारा जांच करने में यह पता चल जाएगा कि आखिर किस शिक्षक ने इस स्टूडेंट का डाक्यूमेंट वेरिफाई किया था।
उसके बाद हमें उस शिक्षक पर भी कार्रवाई करने में आसानी होगी। एसईई में स्टूडेंट्स के डाक्यूमेंट का वेरिफिकेशन 26 जून से 3 जुलाई तक होगा।
प्रो. दिवाकर सिंह यादव कहते हैं कि स्टूडेंट्स को जल्द ही मोबाइल फोन व ई-मेल पर वन टाइम पासवर्ड भेजे जाएंगे।