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डीयू: वोटों के लिए शुरू हो गए राजनीतिक पैंतरे
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Aug 2014 11:20 PM IST
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दिल्ली विवि छात्र संघ का चुनावी बिगुल बजते ही संगठनों ने छात्रों के वोटों को कैश करने के लिए राजनीतिक पैंतरे चलने शुरू कर दिए हैं।
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ऐसे ही आइसा ने छात्रों के बीच जाकर हस्ताक्षर अभियान के जरिए डूसू से उसके कामकाज का हिसाब मांगा। डूसू से मांग करी कि छात्र लुभावने वादों की बजाए आपके कामकाज का हिसाब चाहते हैं। वहीं आइसा ने छात्रसंघ फंड पर भी एक श्वेतपत्र जारी करने की मांग की।
पढ़ें-डूसू चुनाव में हस्तक्षेप से हाईकोर्ट का इनकार
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दिल्ली विश्वविद्यालय में आइसा ने अपने अभियान हमारा डीयू हमारा अधिकार, हमारा लड़ाई के तहत एक छात्र चार्टर ऑफ डिमांड में भी छात्रों से पूछा था कि क्या आपको लगता है कि आपका दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ ऐसा हो जो कि ट्रांसपोर्ट, रूम रेंट, हॉस्टल, यौन हिंसा व नस्लीय भेदभाव’ के सवालों को प्रशासन के सामने उठाए।
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जिसके जवाब में 94 फीसदी छात्र-छात्राओं ने हां में जवाब दिया था। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए हुए आइसा ने पिछले कई सालों से डूसू पर काबिज संगठनों से कामकाज का ब्यौरा देने की मांग की है। इसके लिए सभी कॉलेजों में एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया।
संगठन का मानना है कि एनएसयूआई और एबीवीपी पर अपने घोषणा पत्र में पुरानी बातों को ही दोहराते हैं। आइसा के कार्यकर्ता विक्रमादित्य ने कहा कि एबीवीपी एनएसयूआई से यह पूछना भी जरुरी है कि क्या उनके पास छात्रसंघ के फंड से संबधित कोई श्वेत पत्र है।