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CBSE रिजल्टः शारीरिक रूप से अक्षम... पर टॉप करके दिखाया

Tue, 26 May 2015 10:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Tue, 26 May 2015 10:18 AM IST
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जिले के एसडी आदर्श स्कूल की छात्रा नैंसी गुप्ता निवासी मिट्ठन मोहल्ला ने स्पेशल कैटेगरी में देश में तीसरे स्थान रही। नैंसी ने बताया कि कामर्स संकाय में 96 प्रतिशत अंक आए हैं। नैंसी ने बताया कि वह आगे चल कर लेक्चरर बनना चाहती हैं, हालांकि, इससे पहले वह सीए के लिए जरूर कोशिश करेंगी।

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अपनी सफलता पर अपने पिता व शिक्षकों को श्रेय देते हुए नैंसी गुप्ता ने बताया कि वह कोशिश करेगी कि मां-बाप और इस प्रदेश का मान बढ़ा सके, इसलिए कोशिश रहेगी कि हमेशा समाज के लिए काम करूं।
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अमर उजाला से बातचीत में नैंसी ने बताया कि हालांकि, उसे उम्मीद थी कि ज्यादा नंबर आएंगे, लेकिन वह इससे हताश नहीं है। आगे वह प्रयास जारी रखेगी, उसने बताया कि वह लगातार आठ आठ घंटे तक पढ़ती थी। वहीं, इसके अलावा इसी स्कूल के तरूण खुराना 96.7 अंक प्राप्त किए हैं।
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परिवार ने किया सपोर्ट
नैंसी गुप्ता के पिता दुकानदार हैं और माता नेहा गुप्ता गृहिणी। मध्यम वर्ग के परिवार से संबंध रखने वाली नैंसी बताती है कि हर काम में उसे परिवार का सपोर्ट मिला। जहां तक पढ़ाई की बात है तो मेरा मानना है कि मैं शिक्षा से ही परिवार की मदद कर सकती हूं। कई बार कठिन दौर में भी परिवार ने पीठ नहीं दिखाई और हमेशा मुझे बेटे की तरह ही रखा।

बेटी बेटे से भी बढ़कर है
पिता दिनेश गुप्ता व माता नेहा गुप्ता ने बताया कि वह बेटी को बेटे तरह की मानती हैं। बेटा बीकॉम में पढ़ रहा है। नैंसी की बचपन से ही पढ़ाई में रुचि है, हालांकि हमें उम्मीद थी कि उसके नंबर और ज्यादा आएंगे, लेकिन यह भी अच्छा है। हमने कभी बेटे और बेटी में भेद नहीं किया। बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी भी है और गर्व भी।


माता-पिता ही मेरे आदर्श
नैंसी गुप्ता ने बताया कि वह अपने माता-पिता को ही अपना आदर्श मानती हैं। इसके साथ ही अच्छे शिक्षकों के कारण ही आज यह संभव हो सका। मैं कहना चाहूंगी कि अगर आदमी कुछ भी ठान ले तो वह कर सकता है, क्योंकि मेहनत के आगे सब झुकता है। फिजिकली चैलेंज्ड होने के बावजूद उसने कभी हिम्मत नहीं हारी, इसलिए आज मैं यहा पहुंच सकी। नैंसी ने बताया कि वह आंखों से डिसएबल है और आंखों पर चश्मा रखती है।

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