फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   phd test organise in punjab univercity

फैसला: पीयू में ही होगा पीएचडी का एंट्रेंस टेस्ट

Sun, 18 May 2014 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 May 2014 12:47 AM IST
विज्ञापन
phd test organise in punjab univercity

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से संबद्ध कालेजों में पीएचडी में पंजीकरण के लिए प्रवेश परीक्षा पीयू ही लेगा।

विज्ञापन


कालेज अपने स्तर पर पीएचडी की प्रवेश परीक्षा नहीं ले पाएंगे। शनिवार को सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज में कालेजों में रिसर्च सेंर्ट्स में प्री पीएचडी कोर्स वर्क शुरू करने को लेकर आयोजित बैठक में यह तय हुआ कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा पीयू ही लेगा।

कालेज में हुई इस बैठक में शहर के सभी कालेजों के प्रिंसिपलों और सीनेट सदस्यों ने हिस्सा लिया। पीयू के कुलपति प्रो.अरूण कुमार ग्रोवर, डीयूआई प्रो.एके भंडारी और डीन कालेज डेवलपमेंट कौंसिल प्रो.नवल किशोर के अलावा फैकल्टी ऑफ साइंस के डीन प्रो.रूपिंदर तिवारी भी इस मौके पर मौजूद थे।
विज्ञापन


इस बैठक के दौरान यह विचार किया गया कि कालेजों में छात्रों को पीएचडी कराने के लिए स्थापित किए गए रिसर्च सेंर्ट्स  को किस तरह से बेहतर तरीके से चलाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैठक में यह बात उठी कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा को क्वालीफाई करने का क्राइटीरिया ऐसा तय किया जाना चाहिए, जिससे सभी कालेजों के रिसर्च सेंर्ट्स को पीएचडी के लिए विद्यार्थी मिल सकें। पीयू के प्रास्पेक्टस में भी हर विषय में कालेजों में पीएचडी के लिए उपलब्ध सीटों की जानकारी होनी चाहिए।

बैठक में यह भी तय हुआ कि चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज क्लसटर्स के रिसर्च सेंटरों को कालेजों की मदद करनी होगी। अपने संबोधन में कुलपति प्रो.अरूण ग्रोवर ने कहा कि रिसर्च की क्वालिटी पर जोर देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कालेजों में शोध को बढ़ावा देने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे। कालेजों को बी एकजुट किया जाएगा ताकि शोध को बढ़ावा देने के लिए विचारों का आदान प्रदान हो सके।

आज होगी पीयू सिंडीकेट की बैठक
पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट की बैठक रविवार को होगी। बैठक में जहां पीयू के विभिन्न विभागों में हाल ही में हुई सहायक प्रोफेसरों की नियुक्तियों को मंजूरी मिलेगी, वहीं आगामी सत्र से इंजीनियरिंग के कुछ संकायों में सीटों में पांच फीसदी तक बढ़ोतरी करने के बारे में फैसला होगा।

यूआईईटी में मैनेजमेंट फैकल्टी की कमी और स्टूडेंट की प्लेसमेंट नहीं होने पर बीई-एमबीए कोर्स बंद करने और वर्ष 2014-15 सत्र से बीए-बीएससी कोर्स में आप्शनल विषयों को सीमित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।


पीयू सिंडीकेट में पीयू के रीजनल सेंटर श्री मुक्तसर साहिब में असिस्टेंट प्रोफेसर गुरपाल सिंह पर यौन उत्पीड़न मामले में जीके चतरथ की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed