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पीएचडी स्कॉलर को राहत, अलॉट रहेगा हॉस्टल
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 27 Mar 2014 10:55 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न संकायों में शोध कर रहे करीब 700 रिसर्च स्कॉलर के लिए पीयू प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। अब पीएचडी रिसर्च स्कॉलर को थीसिस जमा होने के तुरंत बाद हॉस्टल का कमरा नहीं छोड़ना पड़ेगा।
पीयू स्टूडेंट काउंसिल की ओर से पीयू प्रशासन को रिसर्च स्कॉलर की दिक्कतों को लेकर एक मांग पत्र दिया गया था। पत्र में रिसर्च स्कॉलर को थीसिस जमा होने के तीन दिन के भीतर हॉस्टल खाली करने के आदेश जारी हो जाते थे।
काउंसिल प्रधान चंदन राणा ने बताया कि पीयू प्रशासन ने अब रिसर्च स्कॉलर को थीसिस जमा होने के बाद वाइवा होने तक विद्यार्थियों को हॉस्टल अलॉट करने का फैसला लिया है।
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थीसिस के बाद वाइवा होने में 2 से 6 महीने का समय लग जाता है। चंदन राणा ने कहा कि पीएचडी थीसिस जमा होने के बाद रिसर्च स्कॉलर रिसर्च पेपर आदि लिखने में व्यस्त हो जाते हैं।
चंदन ने बताया कि नए नियमों को पीयू की 2014-15 की हॉस्टल की हैंडबुक में भी शामिल कर लिया गया है।
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पीयू स्टूडेंट काउंसिल की ओर से पीयू प्रशासन को रिसर्च स्कॉलर की दिक्कतों को लेकर एक मांग पत्र दिया गया था। पत्र में रिसर्च स्कॉलर को थीसिस जमा होने के तीन दिन के भीतर हॉस्टल खाली करने के आदेश जारी हो जाते थे।
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काउंसिल प्रधान चंदन राणा ने बताया कि पीयू प्रशासन ने अब रिसर्च स्कॉलर को थीसिस जमा होने के बाद वाइवा होने तक विद्यार्थियों को हॉस्टल अलॉट करने का फैसला लिया है।
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थीसिस के बाद वाइवा होने में 2 से 6 महीने का समय लग जाता है। चंदन राणा ने कहा कि पीएचडी थीसिस जमा होने के बाद रिसर्च स्कॉलर रिसर्च पेपर आदि लिखने में व्यस्त हो जाते हैं।
चंदन ने बताया कि नए नियमों को पीयू की 2014-15 की हॉस्टल की हैंडबुक में भी शामिल कर लिया गया है।