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Hindi News ›   Chandigarh ›   Phd Research Exchange Programme in betweem Punjab and Delhi University

पीयू रिसर्च स्कॉलर्स के लिए पते की खबर, पढ़िए

Thu, 01 May 2014 01:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 01 May 2014 01:54 PM IST
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Phd Research Exchange Programme in betweem Punjab and Delhi University

पंजाब यूनिवर्सिटी अब रिसर्च ग्राफ को ओर ऊपर उठाने की तैयारी में है। 2013-14 रैंकिंग में पीयू को बेशक टॉप रैंकिंग मिली हो, लेकिन शोध के मामले में पीयू को काफी कम अंक मिले थे। इसे लेकर पीयू क्वालिटी रिसर्च के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है।

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पीयू के विभिन्न विभागों में पीएचडी कर रहे युवाओं के शोध कार्य को दूसरी यूनिवर्सिटी के साथ सांझा किया जाएगा। पहले प्रयास में पीयू जल्द ही दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के साथ अकेडमिक रिसर्च एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करने जा रही है।
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इसके तहत दोनों यूनिवर्सिटी के बेहतर पीएचडी शोधकर्ता हर साल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत थीसिस के आधार पर एक दूसरी यूनिवर्सिटी में लेक्चर देंगे। इस रिसर्च प्रोग्राम की शुरुआत डीयू कुलपति द्वारा पीयू में नए अकेडमिक सत्र के शुरू में होने वाले लेक्चर से होगी।
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पीयू और डीयू करेंगे टॉप 50 पीएचडी थीसिस का चयन   
कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर ने बताया कि पीयू और डीयू के बीच शुरू होने वाले अकेडमिक रिसर्च प्रोग्राम के तहत दोनों यूनिवर्सिटी सालभर में जमा होने वाली टॉप 50 पीएचडी थिसिस का चयन करेंगी। चुने गए पीयू शोधकर्ताओं को डीयू और डीयू के रिसर्च स्कॉलर पीयू में शोध पेश करेंगे।

प्रो. ग्रोवर ने कहा कि प्रत्येक लेक्चर पर अधिकतम पांच हजार का खर्च आएगा। ऐसे में सालाना 2.50 लाख रुपये की जरूरत होगी। पीयू इस प्रोग्राम के लिए पांच लाख रुपये तक का फंड तय करेगी।

पीयू में हर साल 300 पीएचडी
पीयू के 75 विभागों में पीएचडी प्रोग्राम चलते हैं। डीन रिसर्च प्रो. ललित के बंसल के अनुसार हर साल 250 से 300 के करीब पीएचडी थीसिस जमा होती हैं। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत टॉप 50 रिसर्च थीसिस का चयन दो-तीन चरणों में होगा।

इसके लिए पीयू कुलपति की ओर से हाई पावर कमेटी गठित की जाएगी। हर साल की बेस्ट थीसिस पर डिपार्टमेंट स्तर की कमेटी, फिर रिसर्च बोर्ड और फिर अंतिम फैसला पीयू कुलपति की अध्यक्षता में गठित कमेटी लेगी।

 
कोट्स
रिसर्च क्वालिटी को प्रमोट करने के लिए पीयू और डीयू अकेडमिक एक्सचेंज प्रोग्राम शुरू करेगा। इस संबंध में डीयू प्रशासन के साथ मिलकर प्रपोजल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दोनों यूनिवर्सिटी में हर साल पीएचडी थीसिस जमा कराने वाले 50 स्टूडेंट दूसरी यूनिवर्सिटी में लेक्चर देंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए अलग से फंड रिजर्व किया जाएगा। इस पहल से रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
-प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, कुलपति, पंजाब यूनिवर्सिटी

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