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बीबीएयू की परीक्षा में सिलेबस से बाहर के सवाल
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 24 May 2014 02:45 AM IST
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बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में पीएचडी प्रवेश परीक्षा दोबारा कराने की तैयारी है।
अभ्यर्थियों ने एंट्रेंस टेस्ट में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस पर शुक्रवार को बीबीएयू कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अगर जांच में साबित होता है कि सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए तो प्रवेश परीक्षा दोबारा होगी। बीबीएयू के विभिन्न विभागों में पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन अप्रैल में हुआ था।
विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन के अनुसार प्रवेश परीक्षा में 60 फीसदी सवाल संबंधित विषय और 40 फीसदी जनरल नॉलेज के सवाल पूछने होते हैं।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का आरोप था कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय के प्रश्नपत्र में 80 फीसदी सवाल सिलेबस से बाहर के पूछे गए थे।
अनुसूचित जाति की एक छात्रा ने इस बात की शिकायत अनुसूचित आयोग तक में की थी।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का पक्ष सुना और प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया।
समिति में विश्वविद्यालय का कोई शिक्षक शामिल नहीं किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि अगर प्रश्नपत्र में 50 फीसदी से ज्यादा सवाल कोर्स से बाहर के होंगे तो दोबारा एंट्रेंस टेस्ट होगा।
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शर्त यह होगी प्रवेश परीक्षा में पहले शामिल हुए अभ्यर्थियों को ही मौका दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित होने की सूरत में अभ्यर्थियों से दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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अभ्यर्थियों ने एंट्रेंस टेस्ट में सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस पर शुक्रवार को बीबीएयू कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्रों की जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश जारी किए हैं।
अगर जांच में साबित होता है कि सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे गए तो प्रवेश परीक्षा दोबारा होगी। बीबीएयू के विभिन्न विभागों में पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन अप्रैल में हुआ था।
विश्वविद्यालय के नोटिफिकेशन के अनुसार प्रवेश परीक्षा में 60 फीसदी सवाल संबंधित विषय और 40 फीसदी जनरल नॉलेज के सवाल पूछने होते हैं।
पीएचडी प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का आरोप था कि पत्रकारिता एवं जनसंचार विषय के प्रश्नपत्र में 80 फीसदी सवाल सिलेबस से बाहर के पूछे गए थे।
अनुसूचित जाति की एक छात्रा ने इस बात की शिकायत अनुसूचित आयोग तक में की थी।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने प्रवेश परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों का पक्ष सुना और प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया।
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समिति में विश्वविद्यालय का कोई शिक्षक शामिल नहीं किया जाएगा। कुलपति ने कहा कि अगर प्रश्नपत्र में 50 फीसदी से ज्यादा सवाल कोर्स से बाहर के होंगे तो दोबारा एंट्रेंस टेस्ट होगा।
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शर्त यह होगी प्रवेश परीक्षा में पहले शामिल हुए अभ्यर्थियों को ही मौका दिया जाएगा। प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित होने की सूरत में अभ्यर्थियों से दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा।