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Phd में दाखिले के इच्छुक छात्रों के लिए गुडन्यूज

Wed, 04 Mar 2015 02:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 04 Mar 2015 02:42 PM IST
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phd admission rules going to be changed in punjab university

पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड कॉलेज प्रोफेसर के अंडर पीएचडी करने के इच्छुक स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिल सकती है। पीयू ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट क्लीयर करने की तिथि से दो साल तक रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को बढ़ाकर तीन साल करने का प्रपोजल है। इस पर आठ मार्च को सिंडीकेट में मुहर लग सकती है।

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दरअसल, पीयू के ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट क्लीयर करने के बाद पीएचडी और एमफिल में दो साल के भीतर रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी है। पीयू सीनेट सदस्य और जीसीजी-42 में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दलीप कुमार ने पीएचडी में दाखिले के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट की वैधता दो साल और एमफिल से पीएचडी में एडमिशन के लिए टेस्ट की वैधता तीन साल किए जाने का प्रस्ताव भेजा है।
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प्रोफेसर डॉ. दलीप कुमार ने भेजा प्रस्ताव

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डॉ. दलीप के अनुसार एमफिल थीसिस जमा करने और वाइवा होने में दो से तीन साल समय लग जाता है। ऐसे में कई एमफिल स्टूडेंट्स निर्धारित समय में पीएचडी कोर्स में दाखिला नहीं ले पाते।

डॉ. दलीप के अनुसार, एमफिल स्टूडेंट्स को पीएचडी में दाखिले के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट का रिजल्ट घोषित होने से तीन साल तक का समय पीएचडी रजिस्ट्रेशन के लिए देना चाहिए।

उन्होंने रेगुलर एमफिल करने वाले स्टूडेंट्स को ही पीएचडी में दाखिले में वरीयता देने का मुद्दा भी उठाया है, क्योंकि एमफिल स्टूडेंट्स पीएचडी में बेहतर शोध कार्य करते हैं।

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