फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   pharmacy council relaxes norms for open school pass out students.

ओपन स्कूल से 12वीं पास भी बनेंगे फार्मासिस्ट

Sat, 15 Aug 2015 10:36 AM IST
Updated Sat, 15 Aug 2015 10:36 AM IST
विज्ञापन
pharmacy council relaxes norms for open school pass out students.

ओपन स्कूल से बारहवीं पास करने वाले भी फार्मासिस्ट बन सकेंगे। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने ओपन स्कूल से विज्ञान संकाय में बारहवीं पास अभ्यर्थी को फार्मेसी कॉलेज में एडमिशन पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। काउंसिल ने ओपन स्कूल से दस जमा दो पास को फार्मेसी कॉलेज में एडमिशन के लिए पात्र माना है। इस बारे में सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। काउंसिल के इस फैसले से हजारों युवाओं को राहत मिली है।

विज्ञापन


पहले ओपन स्कूल से बारहवीं पास अभ्यर्थी एलोपैथी में फार्मेसी करने के लिए पात्र नहीं थे। इसके चलते ओपन स्कूल से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। ये बारहवीं में अच्छे अंक लेने के बावजूद एलोपैथी में बी-फार्मेसी करने से वंचित रह जाते थे। ओपन स्कूल से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की इस समस्या को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष उठाया गया था। इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

विज्ञापन

पढ़ाई छोड़ने वालों के लिए ओपन स्कूल बेहतर विकल्प

pharmacy council relaxes norms for open school pass out students.

केंद्र और राज्य सरकार के अधीन कई ओपन स्कूल संचालित हैं। नौकरी और अन्य निजी कारणों से रेगुलर पढ़ाई करने से वंचित रहने वालों के लिए ओपन स्कूल बेहतर विकल्प हैं। आठवीं, दसवीं और बारहवीं में फेल विद्यार्थी और इन कक्षाओं की परीक्षा में भाग नहीं ले सकने वाले लोग ओपन स्कूलों से अपनी पढ़ाई को पूरा कर रहे हैं। रेगुलर स्कूलों से दसवीं और बारहवीं पास करने वाले कई स्टूडेंट्स अंक प्रतिशतता सुधारने के लिए ओपन स्कूलों में दोबारा परीक्षाएं देकर अच्छे अंक हासिल कर रहे हैं।

प्रो वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक, हिप्र तकनीकी विवि हमीरपुर ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग और राज्य के ओपन स्कूलों से दस जमा दो पास करने वाले छात्रों को एलोपैथी में फार्मेसी करने की मंजूरी मिल गई है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के इस निर्णय से हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिली है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed