फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   pgi chandigarh cancelled mrt exam

बड़ा झटकाः PGI चंडीगढ़ ने रद्द की एमआरटी परीक्षा

Mon, 16 Nov 2015 05:37 PM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 16 Nov 2015 05:37 PM IST
विज्ञापन
pgi chandigarh cancelled mrt exam

पीजीआई में भाई-भतीजावाद का बड़ा नुकसान। मेडिकल रिकार्ड टेक्नीशियन (एमआरटी) की परीक्षा को रद्द कर दी गई है। बीते साल 21 सितंबर को आयोजित परीक्षा के बाद से धांधली की शिकायत सामने आ रही थी। उसके बाद मामले की जांच पीजीआई की विजिलेंस को सौंप दिया गया। जांच में गड़बड़ी मिली और विजिलेंस ने परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की थी।

विज्ञापन


शनिवार को पीजीआई प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में बताया गया कि एमआरटी की पोस्ट रद्द की जा रही है। अमर उजाला ने भी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। हालांकि उन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो इस धांधली में शामिल थे। एमआरटी की 50 पोस्ट के लिए 166 कैंडिडेट का सेलेक्शन हुआ था।
विज्ञापन


विजिलेंस जांच में मिली थीं ये गड़बड़ियां
विजिलेंस ने अपनी जांच में बताया था कि पास होने वाले अधिकतर परीक्षार्थियों के पास जरूरी योग्यताएं नहीं थी। कोर्स के जो सर्टिफिकेट पेश किए गए हैं, वे सभी संदिग्ध थे। सर्टिफिकेट के आधार पर उनका सेलेक्शन नहीं किया जा सकता। पोस्ट के लिए अधिकतम उम्र 30 साल थी, लेकिन ऐसे कई कैंडिडेट थे, जिनकी उम्र 30 से ऊपर थी। चीफ विजिलेंस अफसर ने माना था कि छंटनी के दौरान फार्म की जांच सही ढंग से नहीं हुई है। यदि अधिकारी ध्यान देते तो गड़बड़ियों को आसानी से पकड़ा जा सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी गई थी शिकायत
पीजीआई में कार्यरत एक कर्मचारी ने एमआरटी की परीक्षा में धांधली की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को भेजी थी। उनका आरोप था कि परीक्षा में बैठने वालों की उम्र 18-30 वर्ष के बीच निर्धारित की गई थी, लेकिन कई ऐसे कैंडिडेंट को लिखित परीक्षा दिलाई गई, जिनकी उम्र 30 साल से ऊपर थी। कैंडिडेट से एमआरटी की छह महीने की रेगुलर ट्रेनिंग का एक सर्टिफिकेट मांगा गया था, लेकिन अधिकतर कैंडिडेट ने उन संस्थानों का सर्टिफिकेट पेश किया, जो रेगुलर कोर्स करवाते ही नहीं थे। इसके अलावा उन कैंडिडेट की संख्या ज्यादा थी, जिनके फैमिली मेंबर पीजीआई में कार्यरत हैं।

पिछले साल सितंबर में हुई थी परीक्षा
पिछले साल चार मार्च को मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन की पोस्ट के लिए पीजीआई की ओर से विज्ञापन निकाला गया था। सात अप्रैल को फार्म जमा करने की आखिरी तारीख थी। 21 सितंबर 2014 को इसकी परीक्षा आयोजित की गई। भर्ती सेल ने 166 कैंडिडेट को फाइनल किया। अक्तूबर में इस मामले की शिकायत दी गई। 11 नवंबर को मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर की ओर से पीजीआई सीवीओ को इसकी जांच के आदेश दिए गए।


यह तो होना ही था। पीजीआई में होने वाली भर्तियों में काफी धांधली होती आई हैं। मेडिकल रिकॉर्ड टेक्नीशियन परीक्षा की जांच से अब यह बात साबित भी हो चुका है, लेकिन उन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जो धांधली में शामिल थे।
- सुभाष चंदर, चेयरमैन पीजीआई एडहॉक कमेटी

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed