पेशावर हमलाः स्कूलों में परिंदा भी नहीं मार सकेगा पर
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पाकिस्तान के पेशावर में सेना के स्कूल में हुए आतंकी हमले के बाद शासन और प्रशासन का ध्यान भी देहरादून के स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था की तरफ गया है।
इस संबंध में जहां शासन ने जरूरी सुरक्षा कड़ी करने और खास सतर्कता बरतने की हिदायत दी है, वहीं पुलिस प्रशासन ने स्कूलों को सतर्क रहने और सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने को कहा है।
इसी सिलसिले में गुरुवार को डीजीपी ने शहर के स्कूलों के प्रबंधकों और प्राचार्यों के साथ बैठक की। निजी स्कूलों ने भी अपने स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को चौकस कर दिया है।
पहचान पत्र नहीं तो स्कूल में प्रवेश नहीं
पेशावर स्थित आर्मी स्कूल पर आतंकी हमले के बाद दून के स्कूलों में भी सतर्कता बढ़ गई है। आर्मी स्कूल क्लेमेंटटाउन में सेना ने गुरुवार को विशेष तलाशी अभियान चलाया।
वेल्हम ब्वॉयज और गर्ल्स, दून स्कूल सहित सभी स्कूलों के गेट बंद कर दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन की अनुमति के बिना अब कोई स्कूल में नहीं जा सकता।
सेंट्रल मिलिट्री पुलिस और गनर तैनात
क्लेमेंटटाउन स्थित आर्मी स्कूल के प्राचार्य गीतांजलि ने बताया कि स्कूल परिसर में जांच के साथ ही आसपास की झाड़ियां काट दी गई। स्कूल आने-जाने वालों पर निगाह रखी जा रही है।
सेंट्रल मिलिट्री पुलिस और गनर स्कूल में तैनात हैं। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) के जनसंपर्क अधिकारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
उधर, वेल्हम ब्वायज के हेड सुपरवाइजर हिम्मत सिंह भंडारी ने बताया कि उन्हें स्कूल के सभी प्रवेश द्वार बंद रखने की हिदायत है। किसी को भी प्रवेश तभी मिलेगा, जब प्रबंधन से अनुमति मिल जाए। वेल्हम गर्ल्स को पहले भी धमकी भरा पत्र मिल चुका है। इस लिहाज से गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाया गया है।
श्री गुरु रामराय एजुकेशन मिशन के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि मिशन के सभी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वह पूरी सतर्कता बरतें।
सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से जांचा गया
दून स्कूल में भी गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद नजर आई। सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल की निदेशक (प्रवेश) हिना शरीफ खान ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से जांचा परखा गया।
सिक्योरिटी इंचार्ज को सख्त हिदायत दी गई है कि स्कूल में किसी का भी प्रवेश न हो। अभिभावक भी सीधे बच्चों से नहीं मिल सकते।
दून इंटरनेशनल स्कूल के उपप्राचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि मुख्य गेट बंद कर दिया गया है। किसी को भीतर आना है तो पहले संबंधित शिक्षक या प्रबंधन अधिकारी से बात करनी होगी।
इसकी सूचना अभिभावकों को भेजी जा रही है। दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्राचार्य बीके सिंह ने बताया कि बिना पहचान पत्र के स्कूल में अभिभावकों को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा शिक्षकों को भी सतर्क किया गया है।
एशियन स्कूल के प्राचार्य एके दास ने बताया कि जल्द ही अभिभावकों के साथ बैठक करने के बाद स्कूल परिसर में कैमरे लगाए जाएंगे। बिना पहचान पत्र दिखाए किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इसकी सूचना स्कूल की नई डायरी में भी प्रकाशित कराई जा रही है। कासिगा, राजा राममोहन राय सहित शहर के सभी स्कूलों में अतिरिक्त सतर्कता के निर्देश जारी किए गए हैं।
बजट है नहीं, कैसे करें सुरक्षा
पेशावर में सेना के स्कूल में आतंकी हमले के बाद शहर के स्कूल-कॉलेजों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की कवायद तो शुरू हुई, लेकिन कई सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रबंधकों ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
इनका कहना है कि पुलिस की सलाह मानने के लिए उनके पास बजट नहीं है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बीएस सिद्धू ने शहर के सभी स्कूल प्रबंधनों को स्कूल की चहारदीवारी की ऊंचाई बढ़ाने के लिए कहा है। शिक्षण संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना भी अनिवार्य किया गया है।
गुरुवार को पुलिस महानिदेशक ने पुलिस लाइन में शहर के सभी शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से सुरक्षा व्यवस्था के मसले पर बैठक की। डीजीपी ने कहा कि मकसद सिर्फ आतंकवादियों से निपटना नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों पर लगाम कसना है।
साथ ही छात्रों में सुरक्षा की भावना बढ़ाने की जरूरत है। निजी स्कूलों को दीवारें ऊंची करने और कैमरे लगाने का काम अपने खर्चे पर करना होगा। इस पर निजी स्कूल प्रबंधकों ने तो हामी भरी, लेकिन सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने हाथ खड़े कर दिए। कहा कि उन्हें इसके लिए बजट नहीं मिलता।
चीता पुलिस रखेगी नजर
कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि उनके यहां तो चहारदीवारी ही नहीं है, कैमरे लगाने की बात तो दूर है। डीजीपी ने आश्वस्त किया कि सरकारी स्कूलों को बजट दिलाने के लिए पुलिस मुख्यालय शासन से वार्ता करेगा।
इस दौरान अपर महानिदेशक (कानून व्यवस्था) राम सिंह मीणा, जिलाधिकारी चंद्रेश यादव और एसएसपी पुष्पक ज्योति भी मौजूद रहे।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि चीता पुलिसकर्मी अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले स्कूलों पर नजर रखेंगे। चीता जवान हर दिन स्कूलों का कम से कम एक चक्कर लगाएंगे। इसके साथ ही स्कूल प्रबंधन से भी उन्हें वार्ता करनी होगी।
जिन स्कूलों में हास्टल हैं, वहां छात्रों से मिलने आने वालों पर नजर रखने के लिए स्कूल प्रबंधनों को सलाह दी गई। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि चीता जवान भी हास्टलों में जाने वाले बाहरी लोगों पर नजर रखने के लिए मुखबिर तंत्र तैयार करेंगे।
कॉल करने पर पुलिस नहीं आती
बैठक के दौरान स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अफसरों के सामने पुलिस लापरवाही की पोल भी खोली। एक प्रतिनिधि ने कहा कि सौ नंबर पर कॉल करने के बाद भी पुलिस वक्त पर नहीं पहुंचती।
ऐसे में आतंकी हमले की स्थिति में कैसे निपटा जाएगा? अधिकारियों ने मौजूद पुलिसकर्मियों को कड़ी नसीहत दी कि हर कॉल पर त्वरित कार्रवाई की जाए। ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।