कामयाबी की ऐसी मिसाल, जिसे पढ़कर जोश से भर जाएंगे आप
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने राज्य न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिविजन) का रिजल्ट जारी कर दिया। चयनित अभ्यर्थियों ने कामयाबी की ऐसी मिसाल पेश की है कि आप भी जोश से भर जाएंगे।
पति के हौसले ने दी मंजिल
देहरादून के कांवली रोड निवासी सोनिया सहोत्रा ने पीसीएस (जे) परीक्षा में सफलता हासिल की। सोनिया की सफलता में उनके पति अनिल सहोत्रा का बड़ा योगदान रहा। सोनिया के मुताबिक पति अनिल ने उन्हें पढ़ाया और आगे बढ़ने में मदद की।
सोनिया की सफलता की खबर मिलते ही शुभकामना देने वालों का तांता लग गया। साल 2002 में सोनिया की शादी ओएनजीसी में अधिकारी अनिल के साथ हुई। बीएससी पास सोनिया इसके बाद घर-परिवार की जिम्मेदारियों में उलझ गई। तब अनिल ने उन्हें हौसला दिया और आगे पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद सोनिया ने एमए और एलएलबी की परीक्षा उत्तीर्ण की। पिछले साल उन्होंने पीसीएस (जे) की परीक्षा दी। तब वह मामूली नंबरों से चूक गई थीं। सोनिया और अनिल के 12 साल का बेटा और 10 साल की बेटी है। मां की सफलता पर बच्चे भी खुश हैं।
धारचूला की कृषिका गुंज्याल बनीं जज
पिथौरागढ़ के धारचूला की कृषिका गुंज्याल ने पीसीएस (जे) परीक्षा में सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। कृषिका के पिता रिटायर्ड तहसीलदार भवान सिंह गुंज्याल और मां सोना गुंज्याल बेटी की सफलता को लेकर निश्चिंत थे। शनिवार को परिणामों की घोषणा के साथ ही उनका सपना पूरा हो गया।
कृषिका ने अल्मोड़ा से एलएलबी और एलएलएम किया। साथ ही वह पीसीएस (जे) की तैयारी भी करती रही। कृषिका ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। कृषिका के भाई धीरेंद्र सिंह गुंज्याल पुलिस मुख्यालय में एसपी के पद पर तैनात हैं।
सचिन ने साकार किया मां का सपना
पौड़ी निवासी सचिन ने जज बन मां के सपने को साकार किया है। वकील पिता की मौत के बाद मां चाहती थीं कि उनका बेटा जज बनकर परिवार का नाम रोशन करे। सचिन का पीसीएस-जे में चयन हुआ है। वर्तमान में वह एचएनबी विश्वविद्यालय के पौड़ी कैंपस से एलएलएम कर रहे हैं।
वह मानविकी के छात्र रहे हैं। सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले सचिन कुमार अब जज बनेंगे। उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा पौड़ी में प्राप्त की। अपनी सफलता का श्रेय वह अपनी माता गीता रानी को देते हैं। उनके पिता स्व. राजेंद्र कुमार अधिवक्ता थे।
नियमित अध्ययन से कामयाबी
रुद्रप्रयाग के जलाती गांव निवासी रजनीश मोहन को नियमित अध्ययन और मेहनत के चलते पीसीएस जे में सफलता मिली है। रजनीश विज्ञान के छात्र रहे हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता व गुरुजन को देते हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के लिए उन्होंने जीतोड़ मेहनत की।