PCS का एग्जाम पैटर्न बदला, क्या है नया पैटर्न जानें...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में प्रोविंशियल सिविल सर्विसेज (पीसीएस) अधिकारी बनने का सपना पाले युवाओं के लिए अब राह कुछ मुश्किल हो सकती है।
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने पीसीएस परीक्षा के पैटर्न में व्यापक फेरबदल कर दिया है। आईएएस परीक्षा की तर्ज पर अब यहां भी वैकल्पिक विषय के चयन का मौका नहीं मिलेगा।
प्री परीक्षा में भी अभ्यर्थी अपना पसंदीदा विषय नहीं चुन पाएंगे।
ऐसा होगा नया पैटर्न
आयोग के सचिव एसएन पांडेय की ओर से जारी सूचना के मुताबिक मुख्य परीक्षा में 200-200 अंकों के छह सामान्य अध्ययन के पेपर और 300 अंकों का भाषा (हिंदी) का पेपर होगा।
200 अंक साक्षात्कार के होंगे। कुल मिलाकर 1700 अंकों की मुख्य परीक्षा होगी और 300 अंकों की प्री परीक्षा होगी। पीसीएस के लिए आवेदन प्रक्रिया जुलाई में शुरू होने की संभावना है।
पहले यह था पैटर्न
अब तक प्री परीक्षा में पहला प्रश्न सामान्य अध्ययन और दूसरा वैकल्पिक विषय का होता था।
छात्र अपनी रुचि और पकड़ के अनुसार इतिहास, भूगोल, लोक प्रशासन, राजनीति शास्त्र, समाजशास्त्र, दर्शनशास्त्र जैसे किसी एक विषय का चयन कर लिया करते थे।
पीसीएस मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थी दोनों पेपर के लिए दो अलग-अलग विषयों के विकल्प चुनते थे। मुख्य परीक्षा में पहले आठ पेपर और 200 अंकों का साक्षात्कार होता था।
परीक्षा में हुए यह बदलाव
प्री में ये बदलाव
- पहला पेपर सामान्य अध्ययन का होगा, इसमें दो घंटे में 150 अंकों के 150 सवाल हल करने होंगे
- दूसरा पेपर सामान्य बुद्धिमत्ता का होगा, जिसमें 1.5-1.5 अंक के 100 सवाल दो घंटे में हल करने होंगे
मेन्स में ये बदलाव
- सामान्य अध्ययन के छह और भाषा का एक, यानी कुल सात पेपर होंगे
- पहले हिंदी का पेपर 150 अंकों का था, जिसे अब भाषा नाम दिया गया है, अब यह पेपर 300 अंकों का होगा, पहला पेपर यही रहेगा
- दूसरा प्रश्नपत्र भारत का इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, समाज एवं संस्कृति 200 अंकों का होगा, इसे तीन घंटे में हल करना होगा, पहले इस पेपर में मुख्यत: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पूछे जाते थे
- तीसरे पेपर में भारतीय राज व्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध के सवाल पूछे जाएंगे
- चौथे प्रश्नपत्र में भारत एवं विश्व का भूगोल पूछा जाएगा, पहले सिर्फ भारत का भूगोल रहता था
- पांचवें प्रश्नपत्र में आर्थिक एवं सामाजिक विकास के सवाल पूछे जाएंगे
- छठे प्रश्नपत्र में सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के सवाल होंगे
- सातवें पेपर में सामान्य अभिरुचि और आचार शास्त्र से जुड़े सवाल होंगे
इनका क्या कहना है...
पीसीएस प्री परीक्षा ऑब्जेक्टिव टाइप होगी। अब सभी प्रश्नपत्र अनिवार्य कर दिए गए हैं, जबकि भाषा के प्रश्नपत्र में कम से कम 35 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
- एसएन पांडे, सचिव, उत्तराखंड लोक सेवा आयोग
बदलाव को परीक्षा का सामान्यीकरण मान सकते हैं, लेकिन छात्रों के लिए यह मुश्किल होगा। अब तक वे विषय विशेष का सीमांकित ज्ञान लेकर आगे बढ़ जाते थे, लेकिन अब उन्हें विज्ञान प्रौद्योगिकी भी पढ़नी ही होगी। जरूरी है कि छात्र प्री के साथ ही मेन्स की भी तैयारी करें।
- सुशील कुमार सिंह, निदेशक, प्रयास आईएएस स्टडी सर्किल