आईआईटी में बदलेगा एडमिशन का पैटर्न, यहां पढ़े खबर...
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आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद, सीएफटी, आईआईएसईआर में एडमिशन और उसकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) का पैटर्न अब अमेरिका की तरह होगा। ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट कराया जाएगा।
इसमें पास होने वाले स्टूडेंटों का एप्टीट्यूड टेस्ट होगा। इसमें टॉप 40 हजार स्टूडेंटों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। यह बदलाव सत्र 2016-17 से संभव है। इसी का नतीजा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पैटर्न में बदलाव की रिपोर्ट वेबसाइट www.jeech.ac.in पर उपलब्ध करा दी।
साथ ही कानपुर सहित देश की 18 आईआईटी, सीएफटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी के शिक्षकों, स्टूडेंटों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं। बता दें अमेरिका में इंजीनियरिंग का सिंगल एंट्रेंस टेस्ट और एप्टीट्यूड टेस्ट कराया जाता है।
प्रवेश परीक्षा में भी होंगे बदलाव
आईआईटी के एडमिशन और प्रवेश परीक्षा में बदलाव के उद्देश्य से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छह अक्तूबर को छह सदस्य कमेटी गठित की थी। साथ ही कहा कि जेईई और आईआईटी में एडमिशन के पैटर्न में बदलाव का सुझाव दिया जाए।
इस पर कमेटी ने अलग-अलग आईआईटी में जाकर मीटिंग की और फीडबैक लेने के बाद 5 नवंबर को पेपर के पैटर्न में बदलाव की रिपोर्ट मंत्रालय को दे दी। 28 नवंबर को रिपोर्ट सार्वजनिक कर मंत्रालय की मदद से आपत्ति और सुझाव मांगे गए। रिपोर्ट में जो सिफारिश की गई है, उसके मुताबिक सत्र 2016-17 से नेशनल टेस्टिंग सर्विस (एनटीएस) का गठन किया जाए।
इसकी मॉनिटरिंग आईआईटी को दी जाएगी। साथ ही 2017 या फिर 2018 से एप्टीट्यूड टेस्ट कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जैसा की अमेरिका में होता है। नई व्यवस्था से कोचिंग का हस्तक्षेप कम होगा। कमेटी ने एनटीएस स्कोर के आधार पर चार लाख स्टूडेंटों के सेलेक्शन की सिफारिश की है।