पेपर सेटर की चूक का छात्रों ने भुगता खामियाजा
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प्रदेश विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में एमएससी भूगोल की परीक्षा में गलत प्रश्नपत्र बांटने के मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है। इसमें पेपर सेटर की गलती पाई गई है। इसे अब प्रदेश विवि ब्लैक लिस्ट कर सकती है। इस पर फैसला अब कुलपति को लेना है। मामले की जांच को परीक्षा नियंत्रक की ओर से तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। इसने जांच में पाया कि एमए भूगोल के पैटर्न और सिलेबस के मुताबिक पेपर सेटर ने प्रश्नपत्र तैयार किया था।
अब तक सामने आए तथ्यों के मुताबिक यह चूक पेपर सेटर के स्तर पर हुई है। पुराने सिलेबस और पैटर्न के मुताबिक प्रश्नपत्र सेट किए थे। इसमें एमएससी के बजाय एमए भूगोल की तर्ज पर प्रश्न दिए गए थे। एमएससी में जहां एमपीक्यू मल्टीपल च्वायस के बजाय 16-16 अंक के प्रश्न पूछे गए।
27 नवंबर को सामने आया था मामला
जांच में सामने आया कि विभाग और विवि की सीक्रेसी विंग ने कोर्स को एमएससी भूगोल करने की सूचना पेपर सेटर को दी थी। बावजूद इसके पेपर सेटर ने पुराने तरीके से प्रश्नपत्र सेट किए। एमएससी भूगोल प्रथम सत्र की अन्य परीक्षाओं में पेपर नए कोर्स के मुताबिक सेट पाया गया है। अब विश्वविद्यालय पेपर सेटर को ब्लैक लिस्ट भी कर सकता है। इसके निए कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे कुलपति के समक्ष रखा जाना है।
विवि में एमएससी भूगोल की पहली परीक्षा जिओमार्फोलॉजी में मामला सामने आया था। इसमें छात्रों को जो प्रश्नपत्र बांटे गए, इसमें एमए भूगोल के हिसाब से प्रश्न पूछे गए थे। छात्रों ने तैयारी नए पैटर्न, सिलेबस के मुताबिक की थी।
जल्द तय होगी परीक्षा की तिथि: प्रो. कौशल
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि जांच कर ली गई है। जल्द नए सिलेबस और पैटर्न पर प्रश्नपत्र तैयार किया जा रहा है। एमए जियोमार्फोलॉजी परीक्षा की तिथि जल्द तय होगी। पेपर सेटर को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। इस पर कुलपति फैसला लेंगे।