IIT से निकाले गए छात्र को पैनिक अटैक, अस्पताल में भर्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी से बाहर निकाले गए गए 72 छात्रों में से एक पर आखिरकार तनाव भारी पड़ गया। शनिवार को तनाव के चलते वह बेहोश हो गया। छात्र को आईआईटी अस्पताल से एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
करीब ढाई घंटे के इलाज के बाद छात्र की हालत में सुधार शुरू हुआ। डॉक्टर के मुताबिक छात्र को तनाव के कारण बेहोश हुआ था। जिसे पैनिक अटैक भी कहा जाता है।
आईआईटी से बाहर निकाले गए 72 छात्र मानसिक रूप से तनाव में हैं। इनमें से एक छात्र अभिषेक मंडल पुत्र हलधर मंडल निवासी पुरुलिया, पश्चिम बंगाल की शनिवार की शाम करीब चार बजे अचानक बेहोश हो गया। अभिषेक अपने सीनियर साथी के साथ हॉस्टल में ठहरा हुआ था। छात्रों ने पहले उसे आईआईटी अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके बाद अभिषेक दिल्ली-हरिद्वार हाईवे स्थित गोठी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। करीब ढाई घंटे बाद अभिषेक की हालत में सुधार होना शुरू हुआ।
देखभाल के लिए जमे छात्र, IIT प्रशासन से कोई नहीं
सूचना मिलते ही आईआईटी के छात्र अस्पताल पर जमा होने लगे। वहीं एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी भी कार्यकर्ताओं के साथ अभिषेक का हालचाल जानने पहुंचे।
अभिषेक के अचानक बीमार होने के चलते आईआईटी के छात्र भी सकते में थे। इनमें से एक छात्र ने बताया कि निष्कासित किए गए सभी छात्र तनाव में हैं, क्योंकि छात्रों को यह नहीं सूझ रहा है कि यदि आईआईटी उन्हें वापस नहीं लेती है तो उनके कॅरियर का क्या होगा।
डाक्टर प्रवीण गोठी ने बताया कि अभिषेक की हालत में सुधार है। वह तनाव के कारण बेहोश हुआ था। जिसे चिकित्सकीय भाषा में पैनिक अटैक कहा जाता है। वहीं, अभिषेक की तबियत खराब होने की सूचना मिलने पर चेन्नई रहने वाला उसका भाई वहां से रुड़की के लिए रवाना हो गया है। छात्रों ने बताया कि इलाज के दौरान कोई आईआईटी अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा।