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'क्वालिटी टीचर्स न मिलने से खाली पद भरना मुश्किल'
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 16 Dec 2013 11:46 AM IST
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देश भर में पहली से आठवीं क्लास तक एग्जाम सिस्टम खत्म करने का मकसद कंटीन्यूएस कंप्रीहेंसिव इवैल्यूएशन (सीसीई) सिस्टम के तहत हर वर्ग के बच्चों को बेसिक एजूकेशन देना था। लेकिन इस सिस्टम को लेकर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग मत है।
हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल की अगुवाई में इस मामले पर गठित कमेटी ने आठवीं स्तर पर एग्जाम सिस्टम के रिव्यू की रिपोर्ट सौंप दी है, जिस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय काफी गंभीरता से विचार कर रहा है। यह कहना है केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डा. एमएम पल्लम राजू का। वे यहां रविवार को सेक्टर-40 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे।
स्कूल और हायर एजूकेशन को लेकर डा.पल्लम राजू ने मंत्रालय और यूजीसी की कई योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 12वीं और 13वीं पंचवर्षीय योजना में हायर एजूकेशन में क्वालिटी लाने के लिए काफी बजट रखा गया है। कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर राज्य की यूनिवर्सिटी को भी मंत्रालय फंडिंग करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 90 हजार करोड़ का बजट रखा गया है।
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आरटीआई की अनदेखी पर करे कार्रवाई
डा. पल्लम राजू ने कड़े शब्दों में कहा कि देश भर में राइट टू एजूकेशन(आरटीई) को पूरी तरह लागू किया जा चुका है। जो स्कूल एक्ट के तहत दाखिला नहीं दे रहे या नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ संबंधित राज्य या यूटी अपने स्तर पर ही सख्त कार्रवाई करे।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी साफ किया कि प्राइवेट स्कूलों को आरटीई के तहत दाखिल बच्चों की फीस की राशि हर साल स्कूलों को दी जाएगी। राजू ने कहा कि देश भर में 12 करोड़ बच्चों को मिड डे मील दिया जा रहा है। इस सिस्टम से गरीब बच्चों को स्कूल लाने में काफी मदद मिली है।
सस्ते टैबलेट देने पर तेजी हो रहा है काम
टाइम्स हायर एजूकेशन की रेटिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी को दुनिया की 13वीं और भारत की नंबर वन यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने के सवाल पर पल्लम ने कहा कि पीयू में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनने की क्षमता है। लेकिन पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने बात को टालते हुए कहा कि पीयू को स्पेशल स्टेटस के तहत फंडिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पीयू को आर्थिक तौर पर किसी तरह की कमी नहीं होगी। कालेज और यूनिविर्सटी स्टूडेंट्स को सस्ते दाम पर टैबलेट दो साल बाद भी नहीं मिलने के सवाल पर राजू ने कहा कि इस पर तेजी से काम हो रहा है। आईआईटी मद्रास को टैबलेट की कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है।
क्वालिटी टीचर्स के लिए सीटीईटी जरूरी
देश भर में 65 लाख स्कूली टीचर्स की कमी है। लेकिन क्वालिटी टीचर्स नहीं मिलने से खाली पदों को भरना मुश्किल हो रहा है। पल्लम राजू ने कहा कि केंद्र सरकार ने क्वालिटी एजूकेशन की दिशा में काम करते हुए शिक्षक के लिए सेंट्रल टीचर एलिजिबिलटी टेस्ट (सीटीईटी) अनिवार्य कर दिया है। सीटीईटी का रिजल्ट काफी खराब आने पर उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक खोजने के लिए कुछ तो मापदंड रखने ही होंगे।
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हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल की अगुवाई में इस मामले पर गठित कमेटी ने आठवीं स्तर पर एग्जाम सिस्टम के रिव्यू की रिपोर्ट सौंप दी है, जिस पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय काफी गंभीरता से विचार कर रहा है। यह कहना है केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्री डा. एमएम पल्लम राजू का। वे यहां रविवार को सेक्टर-40 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे।
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स्कूल और हायर एजूकेशन को लेकर डा.पल्लम राजू ने मंत्रालय और यूजीसी की कई योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि 12वीं और 13वीं पंचवर्षीय योजना में हायर एजूकेशन में क्वालिटी लाने के लिए काफी बजट रखा गया है। कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर राज्य की यूनिवर्सिटी को भी मंत्रालय फंडिंग करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत 90 हजार करोड़ का बजट रखा गया है।
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आरटीआई की अनदेखी पर करे कार्रवाई
डा. पल्लम राजू ने कड़े शब्दों में कहा कि देश भर में राइट टू एजूकेशन(आरटीई) को पूरी तरह लागू किया जा चुका है। जो स्कूल एक्ट के तहत दाखिला नहीं दे रहे या नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, उनके खिलाफ संबंधित राज्य या यूटी अपने स्तर पर ही सख्त कार्रवाई करे।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी साफ किया कि प्राइवेट स्कूलों को आरटीई के तहत दाखिल बच्चों की फीस की राशि हर साल स्कूलों को दी जाएगी। राजू ने कहा कि देश भर में 12 करोड़ बच्चों को मिड डे मील दिया जा रहा है। इस सिस्टम से गरीब बच्चों को स्कूल लाने में काफी मदद मिली है।
सस्ते टैबलेट देने पर तेजी हो रहा है काम
टाइम्स हायर एजूकेशन की रेटिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी को दुनिया की 13वीं और भारत की नंबर वन यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने के सवाल पर पल्लम ने कहा कि पीयू में वर्ल्ड क्लास यूनिवर्सिटी बनने की क्षमता है। लेकिन पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिए जाने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने बात को टालते हुए कहा कि पीयू को स्पेशल स्टेटस के तहत फंडिंग हो रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पीयू को आर्थिक तौर पर किसी तरह की कमी नहीं होगी। कालेज और यूनिविर्सटी स्टूडेंट्स को सस्ते दाम पर टैबलेट दो साल बाद भी नहीं मिलने के सवाल पर राजू ने कहा कि इस पर तेजी से काम हो रहा है। आईआईटी मद्रास को टैबलेट की कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है।
क्वालिटी टीचर्स के लिए सीटीईटी जरूरी
देश भर में 65 लाख स्कूली टीचर्स की कमी है। लेकिन क्वालिटी टीचर्स नहीं मिलने से खाली पदों को भरना मुश्किल हो रहा है। पल्लम राजू ने कहा कि केंद्र सरकार ने क्वालिटी एजूकेशन की दिशा में काम करते हुए शिक्षक के लिए सेंट्रल टीचर एलिजिबिलटी टेस्ट (सीटीईटी) अनिवार्य कर दिया है। सीटीईटी का रिजल्ट काफी खराब आने पर उन्होंने कहा कि अच्छे शिक्षक खोजने के लिए कुछ तो मापदंड रखने ही होंगे।