अब समस्याओं का हल ऑनलाइन, जानिए सिस्टम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) से एफिलिएटेड 190 कॉलेजों की प्रशासनिक और स्टूडेंट्स संबंधी सभी समस्याओं का हल ऑनलाइन होने लगा है। पीयू के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन विभाग की ओर से वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्किंग (वीपीएन) की शुरूआत कुछ समय पहले ही की गई है। पीयू से जुड़े कॉलेजों से नए सिस्टम पर अच्छा रिस्पांस मिला है।
नए सिस्टम के तहत कॉलेज और स्टूडेंट्स संबंधी सभी समस्याओं का समाधान वीपीएन से किया जा रहा है। कॉलेज अपनी समस्या को ईमेल के माध्यम से पीयू प्रशासन के पास भेजता है।
शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके हल होने तक का पूरा रिकार्ड वीपीएन पर कॉलेज और पीयू के अधिकारी देख सकते हैं। सितंबर से शुरू किए गए नए सिस्टम के तहत विभिन्न कॉलेजों से 460 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं।
ईमेल से भेजा जाएगा सोल्यूशन
नए सिस्टम में पीयू अधिकारियों को तय समय में समस्या का हल कर संबंधित कॉलेज को रिपोर्ट ईमेल से ही भेजी जाएगी। वीपीएन के नोटिस बोर्ड पर कॉलेजों से संबंधित पूरी जानकारी अपडेट की जाती है।
पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन प्रो. परविंदर सिंह ने बताया कि वीपीएन सिस्टम को फिलहाल अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि एक बार वीपीएन में किसी स्टूडेंट का डाटा फीड करने के बाद डिग्री करने तक बार-बार पुरानी जानकारी नहीं देनी पड़ेगी।
कैसे काम करता है वीपीएन
पीयू कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन ब्रांच द्वारा शुरू किए गए वीपीएन सिस्टम के तहत सभी कॉलेजों को एक लॉग इन नंबर दिया गया है। कॉलेज प्रबंधन वीपीएन के माध्यम से कोई भी जानकारी या समस्या मेल से भेज सकता है। पांच दिन के भीतर संबंधित विभाग को समस्या हल कर ईमेल से ही जानकारी देनी होगी। कॉलेज और पीयू के बीच संवाद को बाहरी व्यक्ति नहीं देख सकता।
स्टूडेंट्स संबंधी अधिक शिकायतें
वीपीएन के माध्यम से कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। अधिकतर शिकायतें स्टूडेंट्स से संबंधी हैं। शिकायतों में स्टूडेंट्स को गेप ईयर पर दाखिला देना, एड ऑन विषय, रिपोर्ट कार्ड आदि शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार नए सिस्टम से चंडीगढ़ से 200 से 300 किमी दूर कॉलेज के अधिकारियों और कर्मचारियों को अब पीयू प्रशासनिक ब्लॉक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।