तो अब इस तरह होगी स्कूलों में पेपर चेकिंग
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हिमाचल प्रदेश में दसवीं और 12वीं परीक्षाओं की पेपर चेकिंग ऑनलाइन करने की तैयारी है। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पांच करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र को भेजा है। रि-अपीयर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की ऑनलाइन चेकिंग के सफल प्रयोग के बाद बोर्ड अब वार्षिक परीक्षाओं की पेपर चेकिंग ऑनलाइन करने जा रहा है। अगर यह योजना सिरे चढ़ी, तो स्कूली परीक्षाओं की पेपर चेकिंग करने वाला हिमाचल देश का पहला राज्य होगा।
हिमाचल के नाम देश की पहली ई-विधानसभा का रिकॉर्ड भी है। हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सूचना एवं तकनीकी महकमे के सहयोग से दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं के पेपर ऑनलाइन चेक करवाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए बोर्ड ने आईटी विभाग से प्रोजेक्ट तैयार करवाकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
स्कैन करके भेजी जाएंगी आंसर शीट्स
ऑनलाइन पेपर चेकिंग प्रक्रिया में वार्षिक परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं शिक्षा बोर्ड कार्यालय आएंगी। इन्हें स्कैन कर साफ्टवेयर में लोड किया जाएगा। सेंटरों में टीचर इन्हें ऑनलाइन चेकिंग के दौरान बने कॉलम में गलतियां दर्शाने के बाद अंक देंगे।
चेक होने के बाद पेपर बोर्ड दफ्तर के सर्वर में सेव हो जाएंगे। इससे परिणाम बनाने में आसानी होगी और रिजल्ट भी समय पर आएगा। कंप्यूटर और अन्य व्यवस्था के लिए शुरू में ये काम किसी कंपनी को आउटसोर्स किया जाएगा।
हर साल बचेंगे ढाई करोड़
शिक्षा बोर्ड के इस प्रोजेक्ट पर कुल पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। वार्षिक परीक्षाओं के पेपरों की चेकिंग पर ही हर साल बोर्ड को ढाई करोड़ देने पड़ते हैं। ऐसे में ये फायदे का ही प्रोजेक्ट होगा।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी सचिव बलवीर ठाकुर ने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को ऑनलाइन चेक करने की व्यवस्था को लेकर आईटी विभाग से बोर्ड प्रशासन की बैठक हुई थी। इसके बाद आईटी विभाग ने केंद्र को प्रोजेक्ट तैयार करके भेजा है।