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कॉलेज का सर्वर डाउन, ऑनलाइन लेक्चर हुआ डेड
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 Dec 2013 01:24 PM IST
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उत्तराखंड के 50 डिग्री कॉलेजों के छात्रों को लाइव लेक्चर पढ़ाने की प्रक्रिया अब डेड हो गई है। छात्रों को तीन साल पहले हाईटेक एडुसेट सेंटर का तोहफा दिया गया था।
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और बजट की दरकार
मकसद था सैटेलाइट से लाइव लेक्चर प्रसारित करना, लेकिन आज इनकी संख्या पांच कॉलेजों तक सिमट गई है। उच्च शिक्षा विभाग मान रहा है कि योजना को परवान चढ़ाने के लिए और बजट की दरकार है।
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दिसंबर 2010 में दून विश्वविद्यालय के परिसर में एडुसेट सेंटर की शुरुआत हुई थी। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र के सहयोग से स्थापित केंद्र से प्रदेश के 50 कालेजों को सैटेलाइट माध्यम से जोड़ा गया था।
शुरुआत एक लाइव लेक्चर से हुई, जिसमें पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र स्थित सरकारी डिग्री कॉलेज के छात्रों ने सवाल-जवाब किए। लेकिन तीन साल में इस हाईटेक शिक्षा प्रणाली का सपना चकनाचूर हो गया।
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अब एडुसेट केंद्र तो चल रहा है और प्रोफेसर लेक्चर देने भी आते हैं लेकिन केवल रिकॉर्डिंग होती है। पूर्व में सूचना देने के बावजूद कॉलेज सैटेलाइट से जुड़ने को तैयार नहीं होते।
आलम यह है कि विकासनगर स्थित कॉलेज में कुछ दिन पहले लाइव लेक्चर कनेक्ट तो हुआ लेकिन माइक न होने की वजह से छात्र सवाल नहीं पूछ पाए।
बजट की कमी के चलते हालत खराब
लेक्चर देने वाले कई प्रोफेसरों का कहना है कि उन्हें एक तिथि दी जाती है और वे लेक्चर रिकॉर्ड करके चले आते हैं। उच्च शिक्षा विभाग का मानना है कि तीन साल के दौरान कॉलेजों में इस प्रणाली के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हो पाया। करोड़ों रुपए की लागत से बना प्रोजेक्ट तीन साल में इस हालत में पहुंच गया है।
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यह सही है कि तीन साल पहले जो सपना देखा गया था बजट की कमी के चलते पूरा नहीं हो पा रहा है। हमें इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की आवश्यकता है। साथ ही इतना बजट मिल जाए जिससे कालेजों में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो जाए।
- मुकुल पंत, निदेशक, उच्च शिक्षा