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उत्तराखंड को मिला तीसरा सरकारी मेडिकल कॉलेज

Fri, 01 Jan 2016 11:12 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 01 Jan 2016 11:12 AM IST
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one more medical college in uttarakhand.

उत्तराखंड के शिक्षा जगत में नया साल बेमिसाल होगा। एक ओर नए कोर्स में पढ़ने का मौका युवाओं को मिलेगा तो दूसरी ओर प्रदेश के युवाओं को एमबीबीएस में दाखिले को ज्यादा सीटें मिलेंगी। नए साल में प्राइवेट परीक्षाओं पर भी बड़ा फैसला होगा।

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दून विवि में नए साल में नया कोर्स
दून विश्वविद्यालय में नए साल में नया कोर्स शुरू किया जाएगा। उपकुलसचिव डा. मंगल सिंह मंद्रवाल ने बताया कि नए साल पर हिंदी में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स शुरू किया जाएगा। यूजीसी की ओर से इसके लिए बजट दिया जाएगा।
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12वीं करने वाले छात्र सीधे इस कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। निश्चित तौर पर इस नए कोर्स से हिंदी में कॅरियर बनाने वाले छात्रों को बड़ा फायदा होगा। छात्रों को प्रवेश परीक्षा के माध्यम से इस कोर्स में दाखिला दिया जाएगा।
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एमबीबीएस में बढ़ेंगी सीटें
एमबीबीएस कर डॉक्टर बनने का सपना संजो रहे युवाओं को नए साल में एडमिशन का ज्यादा मौका मिलेगा। दून मेडिकल कॉलेज की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। साल के तीसरे महीने तक कॉलेज को मान्यता मिल सकती है। अगर मान्यता मिली तो निश्चित तौर पर प्रदेश के युवाओं के लिए यह अच्छी खबर होगी।

इससे एमबीबीएस की 100 सीटें मिलेंगी। इनमें से 85 सीटें राज्य कोटे की होंगी जो कि यूपीएमटी परीक्षा से भरी जाएंगी जबकि 15 सीटें राष्टीय कोटे की होंगी जो कि एआईपीएमटी से भरी जाएंगी। राज्य कोटे की सीटों की संख्या वर्तमान में 170 है जो कि दून मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बढ़कर 255 पर पहुंच जाएंगी। इससे प्रदेश के युवाओं को ज्यादा एमबीबीएस करने का मौका मिलेगा।

सीसैट से मिल सकती है मुक्ति
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस परीक्षा में लागू सीसैट पैटर्न से भी नए साल में मुक्ति मिल सकती है। मामले में सीएम हरीश रावत के बाद अब राज्यपाल डा. केके पाल ने भी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब फैसला आयोग को लेना है।

आयोग ने फैसला किया तो निश्चित तौर पर युवाओं के लिए नए साल में बड़ी उपलब्धि होगी। सीसैट पैटर्न को संघ लोक सेवा आयोग सहित देश के तमाम राज्यों ने क्वालीफाइंग कर दिया है या फिर हटा दिया है।

प्राइवेट परीक्षा पर होगा बड़ा फैसला
बीए, बीकॉम और एमए, एमकॉम में पढ़ाई के लिए श्रीदेव सुमन विवि और कुमायूं विवि की ओर से कराई जाने वाली प्राइवेट परीक्षाओं पर भी नए साल में बड़ा फैसला हो सकता है। राजभवन की ओर से सरकार को निर्देशित किया गया है।

फिलहाल सरकार ने एक साल का समय मांगा था। माना जा रहा है कि नए साल में प्रदेश में प्राइवेट परीक्षाओं का वजूद खत्म हो जाएगा और उत्तराखंड मुक्त विवि के पास इन परीक्षाओं को डिस्टेंस लर्निंग मोड़ में कराने की जिम्मेदारी आ जाएगी।


दूर हो सकता है सीटों का संकट

राजधानी के रेगुलर कॉलेजों में बीए, बीएससी व बीकॉम का बड़ा संकट है। यहां कम सीटें होने की वजह से हर साल मेरिट से दाखिलों में तमाम युवा पिछड़ जाते हैं। नए साल में डीएवी कॉलेज में 18 नए कक्ष बनने पर सीटें बढ़ सकती हैं।

डीबीएस और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में भी नए साल में कुछ सीटें बढ़नी तय हैं। इससे छात्रों को एडमिशन का संकट दूर होगा।

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