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20 हजार स्टूडेंट्स के फेर में फंसा एक लाख का रिजल्ट

Tue, 11 Mar 2014 08:14 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Mar 2014 08:14 AM IST
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one lakh studenst result hang

उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) में बीटेक फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाले करीब 1.25 स्टूडेंट्स का रिजल्ट अभी तक घोषित नहीं किया गया है।

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इसके पीछे कारण यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 44 इंजीनियरिंग कॉलेजों को निर्धारित समय बीतने के बाद मान्यता दे दी गई।

ऐसे में इन सभी कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 20 हजार स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी नहीं किया जा सकता। इस पर यूनिवर्सिटी विधिक राय लेगी लेकिन इन सबके बीच करीब 1.05 लाख स्टूडेंट्स का रिजल्ट रुका हुआ है।
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बाकी सेकंड, थर्ड व फोर्थ ईयर में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की सेमेस्टर परीक्षाओं का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है।   यूपीटीयू के परीक्षा विभाग के अनुसार इन 44 कॉलेजों के 20 हजार स्टूडेंट्स में से करीब 13.5 हजार स्टूडेंट्स को एनरोलमेंट नंबर भी जारी नहीं किया गया है।
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यह सभी स्टूडेंट्स पूर्ववर्ती महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी के हैं, जिसका विलय अब यूपीटीयू में हो चुका है। ऐसे में अब इन स्टूडेंट्स को एनरोलमेंट नंबर भी जारी किए जा रहे हैं।

विधिक राय लेने पर अगर इनके रिजल्ट जारी करने की स्थिति बने तो कोई परेशानी न हो लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के चलते बाकी 1.05 लाख स्टूडेंट्स का कॅरिअर दांव पर लगा है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर से मान्यता के लिए निर्धारित समय-सीमा के बाद जिन 44 कॉलेजों को मान्यता देने का खेल खेला गया, उसमें खुद कुलपति डॉ. आरके खांडल ने जांच कमेटी बैठाई थी।


इस कमेटी ने यूपीटीयू के एक प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही को पकड़ा था। इस मामले पर विधिक राय लेने के बाद ही 20 हजार स्टूडेंट्स का रिजल्ट निकालने का फैसला लिया था।

लेकिन विवि प्रशासन ने अभी तक इस पूरे प्रकरण पर कोई विधिक राय नहीं ली है। ऐसे में बीटेक फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाले बाकी सभी छात्रों का रिजल्ट रुका हुआ है।

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