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ये कैसी पूछताछ कि भाग निकले फर्जी छात्र

Tue, 24 Sep 2013 09:28 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 24 Sep 2013 09:28 AM IST
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on questioning fake student escaped

राजधानी में यूएपीएमटी परीक्षा में पकड़े गए 16 छात्र-छात्राओं के अलावा भी कई और फर्जी छात्र परीक्षा दे रहे थे।

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हर छात्र से पूछताछ में ज्यादा समय लगने के कारण यह छात्र पुलिस की नजरों से बचने में कामयाब रहे। खुद कालेज प्रशासन भी इस बात को स्वीकार कर रहा है। सीएनआई इंटर कालेज में जब फर्जी छात्रों को पकड़ने का सिलसिला शुरू हुआ, उस वक्त एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।

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मामले की गंभीरता को देखते हुए कालेज प्रशासन ने पुलिस को बुलाया। पुलिस ने संदिग्ध छात्रों से पूछताछ शुरू की तो जीबी पंत विवि के पर्यवेक्षक भी पहुंच गए। कालेज प्रशासन, पुलिस और पर्यवेक्षक की टीम ने मिलकर सभी 21 परीक्षा कक्षों की जांच की। प्रथम दृष्टया 16 छात्र पकड़ में आए लेकिन पांच से ज्यादा संदिग्ध छात्र बचने में कामयाब रहे।
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सीएनआई इंटर कालेज के प्राचार्य जेवी पॉल ने बताया कि हर छात्र से पूछताछ में इतना वक्त लग गया कि परीक्षा का समय समाप्त हो गया। इस वजह से बाकी संदिग्ध छात्र पकड़ में नहीं आ पाए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस मुस्तैदी के साथ दोबारा सभी कक्षों की जांच करती तो और छात्र पकड़ में आ सकते थे।

होनहारों को होगा नुकसान
यदि फर्जी छात्र परीक्षा देने में कामयाब हुए हैं तो खामियाजा उन असली छात्रों को भुगतना पड़ेगा, जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर परीक्षा दी है। चूंकि फर्जी छात्रों का निशाना एससी, एसटी व ओबीसी की सीटें थीं, नुकसान भी आरक्षित श्रेणियों के छात्रों को उठाना पड़ेगा।

शिक्षकों ने झेली मुसीबत
सीएनआई इंटर कालेज फर्जी छात्रों को पकड़ने वाले शिक्षकों को भी मुसीबत भी उठानी पड़ी। कालेज प्राचार्य ने बताया कि पुलिस ने रात नौ बजे तक उन्हें कोतवाली में बैठाए रखा। एक बार एफआईआर की एप्लीकेशन लिखी तो उसमें गलतियां बता दी गईं। यह एप्लीकेशन कई बार लिखवाई गई। शिक्षक और प्राचार्य रात नौ बजे ही कोतवाली से लौट पाए। जबकि मामला दिन में करीब 11 से 12 बजे का है।


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