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शासन नहीं सेवा करने के लिए हैं अधिकारी
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2013 10:59 AM IST
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भावनात्मक बुद्घि हर विषय के मूल को समझने में सहायक होती है। इसलिए संघ लोक सेवा आयोग इस साल से अपने पाठ्यक्रम में भावनात्मक बुद्घि विषय जोड़ रहा है।
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इस संबंध में रविवार को शहर की रावत आईएएस एकेडमी में इमोशनल इंटेलीजेंस नीड्स ऑफ एन आर आयोजित किया गया। इस दौरान शहर के साथ ही बाहरी इलाकों के छात्र भी मौजूद रहे। इस संगोष्ठी में आईआईटी रुड़की, डीआईटी, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, इक्फाई विश्वविद्यालय, लॉ कॉलेज, डीएवी पीजी कॉलेज, एमकेपी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज आदि के छात्र मौजूद थे। इस दौरान बताया गया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के उम्मीदवारों के लिए यह विषय एक दम नया है।
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भावनात्मक बुद्धि की आवश्यकता पर जोर
इस दौरान रावत आईएएस एकेडमी के डायरेक्टर गजेंद्र सिंह रावत ने अपने व्याख्यान में आज के समय में भावनात्मक बुद्धि की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और अन्य प्रतिष्ठित सेवाओं में भावनाओं की जरूरत पर जोर दिया गया था. इसलिए इस विषय को सेलेबस में लाया गया। उन्होंने बताया कि अधिकारी लोगों पर शासन करने के लिए नहीं सेवा करने के लिए हैं और इस विषय से उनमें ऐसी भावना जागरुक होगी।
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