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एलयू में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर उठी आपत्ति
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 31 Jan 2014 10:24 AM IST
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एलयू में अरसे बाद जारी हुई शिक्षकों के पद पर भर्ती प्रक्रिया लटक सकती है। आरक्षण के हिसाब से शिक्षकों के पद भरने की व्यवस्था पर कई विभागाध्यक्षों व लूटा महामंत्री ने आपत्ति जताई है।
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एलयू में नैक टीम के दौरे से पहले चीजें दुरुस्त दिखाने की कोशिश की जा रही है। इसी के तहत शिक्षकों के खाली पदों पर भी विज्ञापन जारी किया गया है।
विभागों में आरक्षण के हिसाब से शिक्षकों के पद किस तरह से भरे जाएं, इसके लिए राज्य सरकार की ओर से बनाए गए रोस्टर को लागू करने पर सवालिया निशान उठाए जा रहे हैं।
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रोस्टर में विश्वविद्यालय को एक यूनिट मानकर शिक्षकों के विभिन्न पदों की कैटेगरी तय की जाती है। मसलन किसी विभाग में पद पर अनुसूचित जाति के अभ्यर्थी या ओबीसी अथवा बिना रिजर्व कैटेगरी के अभ्यर्थी की निुयक्ति करनी है।
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रोस्टर में विशेषज्ञ पद पर बिना आरक्षण के शिक्षकों को नियुक्त करने की बात कही गई है। इन सबको लेकर विभिन्न विभागों में काफी विसंगतियां हैं।
बॉटनी विभाग के हेड प्रो. वाय के शर्मा ने कुलपति को लिखे पत्र में विशेषज्ञ शिक्षकों की पोस्ट को रिजर्व कैटेगरी में रखने, रोस्टर के चलते विभाग में नौ पद रिजर्व और तीन पद नॉन रिजर्व कैटेगरी के होने पर भी आपत्ति जताई है।
ललित कला संकाय के शिक्षकों ने भी पत्र लिखकर असहमति जताई है। कुछ शिक्षक राजभवन तो कुछ हाईकोर्ट की शरण में जाने का विचार कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर नियुक्तियां अटक सकती हैं।
लूटा महामंत्री डॉ. नीरज जैन के अनुसार रोस्टर में नियमों को धता बताया गया है।