{"_id":"73a5b7f5952e07e7ae154afa9e4ee53d","slug":"nursery-admissions-schools-shall-be-go-court-for-management-quota-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नर्सरी दाखिला: मैनेजमेंट कोटे के लिए कोर्ट जाएंगे स्कूल","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
नर्सरी दाखिला: मैनेजमेंट कोटे के लिए कोर्ट जाएंगे स्कूल
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 09 Jan 2016 03:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निजी स्कूलों में बीस फीसदी मैनेजमेंट कोटा समाप्त किए जाने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ स्कूलों का कोर्ट जाना तय हो गया है। निजी स्कूलों की बैठक में इस बात पर मुहर लग गई है कि वे यह कानूनी सलाह लेंगे कि 21 जनवरी को तय सुनवाई से पहले कोर्ट का रुख किया जाए या बाद में।
विज्ञापन
हालांकि कोर्ट जाने से पहले वह सरकार के फैसले के खिलाफ शिक्षा निदेशालय में पत्र के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराएंगे। बैठक में सामान्य वर्ग की सीटों पर भी कोटा तय करने वाले स्कूलों को ऐसा न करने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
सरकार के स्कूलों की स्वायत्तता में दखल देने केबाद आगे की रणनीति तय करने के लिए निजी स्कूलों की संस्थाओं ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई। एक घंटे से भी अधिक चली बैठक में विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष व एक्शन कमेटी के उपाध्यक्ष आरसी जैन ने बताया कि बैठक में निजी स्कूलों ने कोर्ट जाने के विकल्प को खुला रखा है।
विज्ञापन
इसके लिए जल्द ही विभिन्न पहलुओं के मद्देनजर कानूनी सलाह लेंगे। इसके बाद तय किया जाएगा कि कोर्ट में चल रहे विचाराधीन मामले की 22 जनवरी को होने वाली सुनवाई से पहले कोर्ट जाया जाए या फिर बाद में। कोर्ट की ओर से स्कूलों को स्वायत्तता मिली हुई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले मैनेजमेंट कोटा समाप्त किए जाने व अन्य मानकों को बदलने की सरकार की सलाह पर पत्र केमाध्यम से आपत्ति दर्ज कराई जाएगी।
निजी स्कूलों की बैठक में उन स्कूलों को हिदायत भी दी गई है जो कि सामान्य के लिए 55 फीसदी सीटों पर भी कोटा तय कर रहे हैं। आरसी जैन ने बताया कि नर्सरी में 25 फीसदी सीटें आर्थिक पिछड़े व वंचित वर्ग केलिए तय हैं जबकि 20 फीसदी सीटें मैनेजमेंट कोटे से भरी जाती हैं।
सामान्य के लिए 55 फीसदी सीटों पर दाखिले होते हैं। लेकिन ऐसा देखने में आया है कि कुछ स्कूल 55 फीसदी सीटों पर भी कोटा लगा रहे हैं जिसकेकारण सामान्य केलिए सीटें कम हो रही हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्मण पब्लिक स्कूल, डीपीएस, मॉडर्न, स्प्रिंगडेल्स, अर्वाचीन व एएसएन समेत अन्य कुछ स्कूलों ने अपने मानकों में कुछ-कुछ कोटा फिक्स किए हैं। इन स्कूलों को ऐसा ना करने की हिदायत दी गई है कि अगर वह ऐसा करेंगे तो संस्था उनके साथ नहीं खड़ी है।