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नर्सरी दाखिला: बच्चा रोया तो एडमिशन मुश्किल

Wed, 27 Aug 2014 03:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 27 Aug 2014 03:32 AM IST
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Nursery admission: If baby cries then admission cancel.

नर्सरी एडमिशन में इंटरेक्शन में इस बात का ध्यान रखिए कि आपका बच्चा ज्यादा न रोए। वह जितना ज्यादा रोएगा, उसके एडमिशन की संभावना उतनी ही कम होती जाएगी। निजी स्कूल एक्टिव बच्चों को प्राथमिकता देते हैं और रोने वाले बच्चों को दाखिला देने से बचते हैं।

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निजी स्कूलों में नर्सरी एडमिशन की दौड़ शुरू हो गई है। डीपीएस और एपीजे समेत कुछ स्कूलों में फॉर्म की तारीख खत्म हो गई है। यहां इंटरेक्शन शुरू होने वाले हैं। कई स्कूल एडमिशन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में हैं। एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल रेनू सिंह ने बताया कि बातचीत में बच्चे की गतिविधि देखी जाती है।
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बच्चा यदि एक्टिव है, ज्यादा रोता नहीं है और स्कूल के वातावरण में घुलमिल जाता है तो उसे दाखिले में वरीयता दी जाती है। नेहरू इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्या एलीना दयाल ने कहा कि इंटरेक्शन के समय कई अभिभावक जरूरत से ज्यादा बोलते हैं और बच्चे को बोलने का समय नहीं देते। यह भी गलत है।
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जेनेसिस ग्लोबल स्कूल के प्रधानाचार्य प्रमोद शर्मा ने कहा कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाता है कि अभिभावक बच्चे को खुद कितना समय देते हैं। बच्चा टॉयलेट के लिए भी ट्रेंड होना चाहिए। रेयान इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल अनुराधा शर्मा ने कहा कि कई बार देखने को मिलता है कि ज्यादा रोने वाले बच्चे कक्षा में भी रोते ही रहते हैं। ऐसे बच्चों का एडमिशन मुश्किल होता है।

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