नर्सरी दाखिला: आवेदन प्रक्रिया ने पकड़ी रफ्तार
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निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में पहली जनवरी से शुरू हुई नर्सरी दाखिले की रेस अब रफ्तार पकड़ने लगी है। इसके साथ ही अभिभावकों का असमंजस भी बढ़ने लगा है।
स्कूलों की वेबसाइट पर फॉर्म व अन्य चीजों से संबंधित जानकारी स्पष्ट न होने के कारण परेशानी और बढ़ गई है, जिसके कारण अभिभावकों को स्कूलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बाहरी राज्यों से आए एससी-एसटी अभिभावकों में अपने प्रमाणपत्रों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई अभिभावकों को यह नहीं पता चल रहा कि आवेदन ऑनलाइन करना है या ऑफलाइन, वहीं कुछ स्कूलों ने दूरी के मानक में बस रूट के आधार पर अंक देने की बात कही है।
नर्सरी दाखिले से संबंधित जानकारी के अभाव से अभिभावकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आर्थिक पिछड़े व वंचित वर्ग के लिए तो शिक्षा निदेशालय ने केंद्रीकृत ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी है।
लेकिन सामान्य वर्ग के लोगों के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी वेबसाइट पर स्पष्ट न होने के कारण अभिभावकों की समस्या बरकरार है, अभिभावक समझ नहीं पा रहे कि उन्हें आवेदन ऑफलाइन करना है या ऑनलाइन।
प्रमाण पत्र को लेकर असंमजस में अभिभावक
तो कुछ स्कूल दूरी के मानक में स्कूल ट्रांसपोर्टेशन के आधार पर अंक देने की बात कर रहे हैं। एक अभिभावक ने बताया कि ब्लू बेल्स इंटरनेशनल स्कूल ने स्कूल बस के रूट के आधार पर 50 अंक देने की बात कही है।
इस तरह अभिभावक इस बात को लेकर परेशान हैं कि स्कूल किलोमीटर के आधार पर अंक देगा कि नहीं, या फिर जहां स्कूल बस का रूट नहीं लेकिन अभिभावक स्कूल के पास रहते हैं तो क्या वह फॉर्म भर सकते हैं या नहीं।
प्रमाण पत्र को लेकर असमंजस-
उड़ीसा निवासी अभिभावक योगेश के अनुसार वह एससी वर्ग से हैं और उनके पास उड़ीसा का प्रमाणपत्र है। ऐसे में उनको समझ नहीं आ रहा कि क्या दिल्ली मे उनका प्रमाणपत्र मान्य होगा भी या नहीं।
स्कूलों ने इसकी जानकारी वेबसाइट पर दी नहीं है। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा बताते हैं कि बाहरी राज्यों के अभिभावकों को यह नहीं पता कि उनका यह प्रमाणपत्र दिल्ली में मान्य है या नहीं। वहीं कुछ नियमों को लेकर भी अस्पष्टता है। स्कूलों को चाहिए कि वह अपने नियमों को लेकर सारी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराएं।
फीडबैक सिस्टम काम नहीं कर रहा
जब शिक्षा निदेशालय के ईडब्ल्यूएस पोर्टल पर उपलब्ध फीडबैक सिस्टम पर फीडबैक करना चाहा तो उन्होंने पाया कि फीडबैक सिस्टम काम नहीं कर रहा। उनका कोई भी फीडबैक पोस्ट नहीं हुआ।
बढ़ने लगी आवेदन की रफ्तार-
पहली जनवरी से शुरू हुई दाखिलों की रेस शनिवार से तेज होने लगी है। इसका अंदाजा लिए जा रहे फॉर्मों की संख्या के आधार पर लगाया जा सकता है। माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने बताया कि शनिवार को काफी अभिभावक स्कूल फॉर्म लेने के लिए पहुंचे।
हमने ऑनलाइन आवेदन का भी विकल्प उपलब्ध कराया है बावजूद इसके शनिवार को 310 ऑफलाइन फॉर्म बिक गए। वहीं मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल में 120 सीटों के लिए अब तक 153 फॉर्म बिक चुके हैं।