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प्रो. बनर्जी ने बताए न्यूक्लियर एनर्जी अपनाने के फायदे

Thu, 05 Dec 2013 10:12 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़।
अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Thu, 05 Dec 2013 10:12 AM IST
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nuclear energy will open the window for development
डिपार्टमेंट ऑफ एटोमिक एनर्जी के पूर्व चेयरमैन और पदमश्री अवार्ड विजेता प्रो. एस बनर्जी ने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी को अपनाने वाले देश ही आगे बढ़े हैं।
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भारत को न्यूक्लियर ऊर्जा के संसाधनों को बढ़ाकर देश को नई दिशा देनी होगी। न्यूक्लियर एनर्जी से ही देश की तरक्की का रास्ता खुलेगा। वे पंजाब यूनिवर्सिटी में केमिस्ट्री विभाग के सहयोग से आयोजित इंडियन केमिकल सोसायटी के कन्वेंशन में प्रो. रुचि राम साहनी पर विशेष लेक्चर देने के लिए पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि भारत इस समय कुल ऊर्जा उत्पादन का सिर्फ तीन फीसदी ही पैदा करता है। देश को आने वाले 20 से 25 सालों में इसकी मात्रा को 20 फीसदी तक बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करनी होगी। पूरी दुनिया में ऊर्जा का 14 प्रतिशत ही न्यूक्लियर से पैदा होता है।
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इसे और बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने भारत-अमेरिका के न्यूक्लियर समझौते को सही ठहराया। डिपार्टमेंट ऑफ केमिस्ट्री और सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज इन केमिस्ट्री के सहयोग से 4 से 7 दिसंबर तक चलने वाली कन्वेंशन में देश भर से 500 के करीब डेलीगेट्स हिस्सा ले रहे हैं।

ये लोग थे मौजूद
पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मेघालय के राज्यपाल डॉ. केके पाल मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में इंडियन केमिकल सोसाइटी के प्रेजीडेंट प्रो. एमसी चट्टोपाध्याय, केमिस्ट्री विभाग के हेड प्रो. एसके मेहता, प्रो. वी वैनुगोपालन भी मौजूद थे।

दो सेशन में आयोजित कन्वेंशन में आईआईटी चेन्नई के प्रो. एके मिश्रा, आईआईटी कानपुर के प्रो. एसएस सरकार और प्रो. एमके मोहंती ने भी अपने विचार रखे।

जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकता के प्रो. सीआर सिन्हा ने भी शिरकत की। पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने इस मौके पर पीयू में रिसर्च शोध को लेकर किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से बताया।
 
ड्रग इंडस्ट्री में रिसर्च पर फोकस पर चिंता जताई 
पंजाब यूनिवर्सिटी के केमिस्ट्री विभाग से एमएससी और पीएचडी करने वाले मेघालय के राज्यपाल डॉ. केके पाल के लिए बरसों बाद पीयू कैंपस में आना यादगार रहा। उन्होंने रिसर्च को लेकर अपने विचार रखे। डॉ. पाल ने कहा कि भारत में सिर्फ ड्रग इंडस्ट्री में ही रिसर्च पर जोर दिया जा रहा है।

अन्य क्षेत्रों में भी रिसर्च की ओर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने टच स्क्रीन से लेकर फाइबर, वातारवण में बढ़ते प्रदूषण और कानपुर की लैदर इंडस्ट्री को लेकर भी भारत की दिक्कतों के समाधान खोजने के लिए वैज्ञानिकों से आग्रह किया।

कार्यक्रम के समापन पर राज्यपाल ने लॉ ऑडिटोरियम के बाहर अपने पुराने साथियों के साथ टाइम्स हायर एजूकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में पीयू का देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी बनने पर डॉ. पॉल ने पीयू कुलपति को बधाई दी।

 
दो को मिला लाइफ टाइम अचीवेमेंट अवार्ड
इंडियन केमिकल सोसाइटी की ओर से पीयू में गोल्डन जुबली कनवेंशन में दो प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। अवार्ड पाने वालों में प्रो. कबीर-उद-दीन और प्रो. एसपी मौलिक शामिल हैं।
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