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प्रदेश के कॉलेजों में अब पढ़ाया जाएगा एनएसएस

Sat, 15 Aug 2015 10:25 AM IST
Updated Sat, 15 Aug 2015 10:25 AM IST
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nss will be elective subject in colleges of himachal pradesh.

प्रदेश के कॉलेजों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) को अब वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाया जाएगा। यूजीसी, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड ने एनएसएस को कॉलेजों में वैकल्पिक विषय के तौर पर शुरू करने का फैसला लिया है। कोर्स का माड्यूल भी तैयार कर दिया गया है। एनएसएस विषय के छह सेमेस्टर होंगे।

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हर पेपर में 60 नंबर की थ्योरी, 40 नंबर का प्रैक्टिकल होगा। वैकल्पिक विषय एनएसएस में विद्यार्थियों में सामाजिक कल्याण, सद्भाव और देश प्रेम के चैप्टर पढ़ाए जाएंगे। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं। क्रेडिट आधारित वैकल्पिक विषय के रूप में एनएसएस को कॉलेजों में शुरू किया जा रहा है।

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केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड ने की थी सिफारिश

nss will be elective subject in colleges of himachal pradesh.

केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (सीएबीई) ने साल 2013 में उच्च शिक्षण संस्थानों में एनएसएस को विषय के तौर पर शुरू करने की सिफारिश की थी। बीते दो साल के दौरान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और यूजीसी ने इस मामले पर विस्तार से चर्चा की। बीते दिनों युवा मामले और खेल विभाग मंत्रालय ने एनएसएस कोर्स का माड्यूल तैयार किया। इसे एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी को भेजा या। पांचों जोन से आए प्रस्तावों के आधार पर सिलेबस तैयार किया गया।

इसके बाद यूजीसी ने वैकल्पिक विषय के तौर पर एनएसएस को शुरू करने को कहा है। यूजीसी ने शिक्षा के जरिये सामाजिक एवं सांस्कृतिक बदलाव को सही दिशा देने और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों के प्रति छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए यह फैसला लिया है। इसके तहत यूजीसी ने कालेजों व शैक्षणिक संस्थाओं से एनएसएस को सिलेबस से जुड़ी हुई सहयोगी गतिविधि मानने और इसमें हिस्सा लेने वाले छात्रों को पुरस्कृत करने को कहा है।

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