{"_id":"2fcbbbee-e9f0-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"now-you-can-avail-benefits-of-dual-degree-courses","type":"story","status":"publish","title_hn":"लख्ानऊ में अब डुअल डिग्री कोर्स से संवारें कॅरिअर","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
लख्ानऊ में अब डुअल डिग्री कोर्स से संवारें कॅरिअर
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jul 2013 11:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा साहेब भीमराब अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में अब डुअल डिग्री कोर्स से कॅरिअर बेहतर बनाया जा सकेगा। इस सत्र से बीबीएयू 48 इनोवेटिव और कंटेमप्रेरी कोर्सेज शुरू कर रहा है। इसमें डुअल डिग्री कोर्सेज भी शामिल हैं।
विज्ञापन
इसमें एमए व एमएससी ह्यूमन एंड बायोस्फेयर प्रोग्राम के तहत दस विषयों में से किन्ही दो या तीन में एक साथ डिग्री ली जा सकती है।
मनोविज्ञान, पुलिस साइंस, दर्शनशास्त्र सहित दस विषयों में से किन्ही दो या तीन विषयों की एकसाथ डिग्री के लिए दो साल के कोर्स की सीमा को अधिकतम एक वर्ष और बढ़ाया भी जा सकता है।
विज्ञापन
इंजीनियरिंग में बीटेक कोर्सेज में एकसाथ दो-दो ट्रेड में पढ़ाई कर दो-दो डिग्री हासिल की जा सकती है। मल्टी क्रेडिट सिस्टम के साथ यह नई शुरुआत की गई है मगर खुद बीबीएयू प्रशासन हैरत में है कि इतने अच्छे कोर्सेज लॉञ्च करने के बावजूद छात्रों का रुझान बहुत अच्छा नहीं है।
विज्ञापन
ऐसे में आवेदन की आखिरी तारीख भी बढ़ाकर 16 जुलाई कर दी गई है। बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बीबीएयू के कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने बताया कि विवि में 48 नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
इसमें कुल 1580 सीटें हैं जिसमें से 26 कोर्सेज के लिए काफी अच्छा रिस्पॉन्स आया है। जिन कोर्सेज में 50 प्रतिशत सीटें भरेंगी, उन्हीं को चलाया जाएगा। प्रो. सोबती ने कहा कि इन कोर्सेज में दाखिला लेकर वे अपने कॅरिअर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
लाइब्रेरी के लिए किताबें खुद चुनेंगे छात्र और शिक्षक
बीबीएयू अपनी लाइब्रेरी को और अधिक समृद्ध बनाने जा रहा है। कुलपति प्रो. आरसी सोबती ने बताया कि जल्द ही पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा।
इसमें देशभर के प्रकाशकों को आमंत्रित किया जाएगा। यह पुस्तक मेला 31 जुलाई से पहले लगाने की कोशिश है जिसमें एक करोड़ तक की किताबें खरीदने की योजना है।