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अब गुरुजी को स्कूल में देने होंगे 7.30 घंटे
हरिद्वार/योगेंद्र सिंह
Updated Mon, 22 Jul 2013 07:12 PM IST
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अब गुरुजी को स्कूल में प्रतिदिन 7.30 घंटे का समय देना जरूरी होगा। रोजाना छुट्टी के बाद दो घंटे स्कूल में रुककर पढ़ाई की तैयारी और बच्चों की कॉपी चैक की जाएगी।
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कोई भी अध्यापक शिक्षण कार्य के निर्धारित समय में किसी तरह का प्रशासनिक काम नहीं कर सकेगा। पठन पाठन में खामियां पाए जाने पर अध्यापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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शासन ने राजकीय प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत शिक्षण का स्तर सुधारने के लिए दिशा निर्देश तैयार किए हैं। जिला परियोजना अधिकारी सर्व शिक्षा अभियान की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से स्कूलों में एक समय सारिणी भेजी जा रही है।
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समय सारिणी में स्कूल खुलने, शिक्षण कार्य एवं अनुदेशन, पाठ्य निर्माण योजना, कार्य दिवस, अनुदेशात्मक कार्य घंटे, प्रार्थना सभा, मध्यान्ह भोजन आदि के लिए समय निर्धारित किया गया है। अब सभी स्कूल 7.30 घंटे तक खुला करेंगे।
इनमें से 5.30 घंटे विद्यालय में रहकर अध्यापन कार्य, अनुदेशन, बच्चों की शैक्षिक संप्राप्ति का आकलन, कमजोर बच्चों की समस्या का निराकरण, पूरक शिक्षण, अभिलेखीकरण और प्रोफाइल तैयार करने का काम किया जाएगा।
विद्यालय बंद होने के बाद दो घंटे अध्यापकों को पाठ्य योजना निर्माण, क्रियात्मक शोध, बच्चों की कॉपी या गृहकार्य चैक करना और अभिभावकों या क्षेत्रीय लोगों से सहयोग हासिल करने में किया जाएगा।
5.30 घंटो में से 4.30 घंटों में पठन पाठन के अलावा किसी तरह की पंजिका, बैंक और आख्या आदि लिखने का काम नहीं किया जा सकता। यदि निरीक्षण के दौरान कोई अध्यापक ऐसा करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध कडी कार्रवाई की जाएगी।
इनके लिए एक घंटा निर्धारितः
शासनादेश के अनुसार विद्यालय में प्रतिदिन अध्यापन और अनुदेश के लिए निर्धारित 5.30 घंटो में से एक घंटा अतिरिक्त क्रियाकलापों के लिए रखा गया है। प्रार्थना सभा 10 मिनट, मध्यान्ह भोजन 30 मिनट और 20 मिनट पाठय सहगामी क्रियाओं जैसे चित्रकला, गीत संगीत, कविता पाठ, हस्तकला और खेलकूद के लिए निर्धारित किया गया है।
यह होगा खुलने का समय, कार्य दिवस, अनिवार्य घंटेः
दोनों मौसम में विद्यालयों के खुलने का समय निश्चित कर दिया गया है। गर्मियों में विद्यालय 7.30 बजे खुलेंगे और 1.00 बजे बंद होंगे। वहीं सर्दियों में 10.00 बजे से 3.30 बजे तक का समय रखा गया है।
पूरे सत्र में प्राथमिक विद्यालयों में 220 कार्य दिवस होंगे वहीं जूनियर में 230 कार्य दिवस तय किए गए। प्राथमिक में 990 अनुदेशात्मक कार्य घंटे रहेंगे जबकि जूनियर में 1035 घंटे का अनुदेशात्मक कार्य किया जाएगा।
क्या कहतें हैं अधिकारीः
'शासनादेश सभी स्कूलों में बहुत जल्दी लागू कराया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से समस्त विद्यालयों को आदेश भेज दिया गया है।'
डा. पुष्पारानी वर्मा, जिला परियोजना अधिकारी, एसएसए।