{"_id":"ddf6a8ae97a533149b369bd40ac76c15","slug":"now-pcp-will-not-compulsory-for-students","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रों को पीसीपी में आना अब नहीं होगा अनिवार्य","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
छात्रों को पीसीपी में आना अब नहीं होगा अनिवार्य
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Apr 2014 09:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश विश्वविद्यालय ने पर्सनल कांटेक्ट प्रोग्राम में हाजिरी, असाइनमेंट और उसी के आधार 50 फीसदी इंटरनल असेसमेंट की शर्त हटा दी है।
विज्ञापन
प्रदेश भर में कॉलेज प्रवक्ताओं की ओर से पीसीपी लगाने के कार्य का बहिष्कार किए जाने और छात्रों को रूसा में पीसीपी लगाने में पेश आ रही दिक्कतों को देखते हुए विवि ने यह फैसला लिया है।
कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने इसे मंजूरी दे दी है। अब यह मामला ईसी में मंजूर करवाया जाएगा। इक्डोल के निदेशक प्रो. कुलवंत राणा ने पीसीपी में हाजिरी, 50 अंक की इवेल्यूएशन की शर्त को हटाने और पहले की तरह सीधे सौ नंबर की परीक्षा के आधार पर ही परिणाम घोषित करने का फैसला लेने की पुष्टि की है।
विज्ञापन
छात्रों की समस्याएं हल करने को गठित विशेष कमेटी में शामिल डीन प्लानिंग प्रो. पीके आहलुवालिया, कुलपति के सचिव ओपी चौहान ने की सिफारिशों पर कुलपति ने फिलहाल इक्डोल के छात्रों को पीसीपी और 50 अंक की हर विषय में इंटरनल इवेल्यूएशन की शर्त को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
कक्षाएं ही नहीं लगा पाए विवि पहुंचे छात्र
प्रदेश के 14 से अधिक पीसीपी केंद्रों में कॉलेज प्रवक्ताओं के पढ़ाने के कार्य के बहिष्कार के कारण पीसीपी नहीं हो पाए। इक्डोल के अपने विवि परिसर स्थित पीसीपी केंद्र में भी अव्यवस्था का आलम रहा।
संजौली कॉलेज और पूरे जिले भर से यहां जुटे सैकड़ों छात्रों के बैठने तक को उचित व्यवस्था नहीं थी। ऊना से आए पंकज कुमार, करसोग के सुनील कुमार, विक्रम, किन्नौर के अभिषेक सहित सैकड़ों छात्र कक्षाएं नहीं लगा पाए। जो कक्षाएं चलीं, उनमें सिर्फ हाजिरी लगाने तक की औपचारिकता पूरी हुई।
छात्रों ने बताया कि ऑनलाइन फार्म भरने, पीसीपी लगाने और उसी में से 50 अंक की इंटरनल इवेल्यूएशन की शर्त से परेशानी हो रही है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि बिना सोचे समझे और प्राइवेट, इक्डोल छात्रों को पेश आने वाली समस्याओं को समझे बिना ही विवि ने नए सिस्टम को लागू किया है।