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अब ओएमआर शीट पर देने होंगे जवाब

Mon, 30 Jun 2014 03:23 AM IST
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष कुमार त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 30 Jun 2014 03:23 AM IST
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Now OMR answer sheet will be given

लखनऊ विश्वविद्यालय ने पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं की परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किए हैं।

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नए शैक्षिक सत्र 2014-15 में अब छात्रों से लंबे उत्तर वाले सवाल कम पूछे जाएंगे।

इसकी अपेक्षा आधे प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय सवाल होंगे, जिनके जवाब ओएमआर शीट पर देने होंगे।

इतना ही नहीं, लंबे उत्तर वाले सवालों के जवाब की जांच दो परीक्षकों से कराई जाएगी।

विद्यार्थी को दोनों परीक्षकों से दिए गए अंकों का अनुपात दिया जाएगा। इससे प्रश्नपत्रों की बोगस चेकिंग पर रोक लगेगी।

एलयू के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने इसके लिए एग्जामिनेशन रिफॉर्म सेल का गठन किया है।

रविवार को उनके आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने परीक्षा प्रणाली में बदलाव के लिए अपने एक्शन प्लान की जानकारी दी।

कुलपति ने कहा- हमारा मकसद है कि शिक्षकों पर पढ़ाने के लिए खुद स्टूडेंट और उनके अभिभावक प्रेशर बनाएं।

अभी जो व्यवस्था है उसमें कोर्स कॅरिकुलम को जैसे-तैसे पढ़ाकर बड़े-बड़े सवाल एग्जाम में पूछे जाते हैं।

स्टूडेंट भी क्लास में अधिक नहीं आते और कोर्स का महत्वपूर्ण पार्ट पढ़कर पास हो जाते हैं।

अभी तक लंबे उत्तरों वाले सवाल में वे जैसे-तैसे पास होने लायक नंबर पा ही जाते थे, लेकिन नई परीक्षा प्रणाली से ऐसा नहीं हो सकेगा।

इसका असर यह होगा कि स्टूडेंट क्लास में उपस्थित होने के लिए मजबूर होंगे।

फिर टीचर को भी पढ़ाना ही पड़ेगा। अभी स्टूडेंट और टीचर्स के बीच क्लास रूम टीचिंग को लेकर मोनोपोली है।

जुलाई से वे खुद अभियान चलाकर देखेंगे कि कक्षाएं चल रही हैं या नहीं। शिक्षकों के गायब होने पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

डॉ. निमसे ने कहा कि पढ़ाई का तरीका बदलना होगा। केवल महत्वपूर्ण सवालों के जवाब रट लेने से कुछ नहीं होता है।

हमें ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना होगा जिससे स्टूडेंट खुद सवाल क्रिएट करें और उनके जवाब भी खोजें।

इसके लिए क्लास में सरप्राइज टेस्ट लिए जाएंगे और इसके नंबर परीक्षा में जुटेंगे।

कुलपति ने बताया कि नए शैक्षिक सत्र से यह व्यवस्था पीजी कक्षाओं में लागू होगा। अगले सत्र से इसे स्तानक कक्षाओं में भी लागू कर दिया जाएगा।

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