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अब आसानी से पकड़े जाएंगे फर्जी डिग्री वाले
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 23 Feb 2014 04:16 PM IST
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उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों, स्टूडेंट्स और फैकल्टी से जुड़ी हर जानकारी अब एक क्लिक पर मिल सकेगी। ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजूकेशन के अंतर्गत यूपीटीयू ने पूर्ववर्ती एमटीयू से संबद्ध इंजीनियरिंग कालेजों से सत्र 2011-12 और 2012-13 के स्टूडेंट्स का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
साथ ही ब्रांच वाइस शिक्षकों की संख्या, स्टूडेंट्स पर शिक्षकों का अनुपात, कालेज के संसाधनों और विवि के जारी प्रोग्राम की भी सूचना मांगी है। इससे फर्जी डिग्री वालों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा।
इसके अलावा परीक्षा परिणाम, एजूकेशन संबंधी वित्त, कालेज के इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई अन्य बिंदुओं पर पूरी जानकारी देनी होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस सर्वे के तहत स्टूडेंट्स के साथ कालेजों का हर ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
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वहीं फर्जी डिग्री वालों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा। विवि के कुल सचिव यूएस तोमर ने कालेजों को 28 फरवरी तक हर हाल में सभी डाटा वेबसाइट पर अपलोड करने के आदेश दिए हैं।
कालेज परेशान, कैसे भेजें विस्तृत डाटा
आरकेजीआईटीडब्ल्यू की निदेशिका डा. नीता अवस्थी ने बताया कि हायर एजूकेशन सर्वे में कालेजों से पिछले दो सत्रों का पूरा ब्योरा मांगा है। हर स्टूडेंट्स का कैटेगरी वाइस, फैकल्टी, संसाधनों के साथ बाकी विस्तृत जानकारी भेजना आसान नहीं है।
विवि के आदेश के बाद रिकॉर्ड को एकत्रित किया जा रहा है। कालेज की कोशिश डेडलाइन से पहले डाटा विवि को भेजने की है।
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साथ ही ब्रांच वाइस शिक्षकों की संख्या, स्टूडेंट्स पर शिक्षकों का अनुपात, कालेज के संसाधनों और विवि के जारी प्रोग्राम की भी सूचना मांगी है। इससे फर्जी डिग्री वालों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा।
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इसके अलावा परीक्षा परिणाम, एजूकेशन संबंधी वित्त, कालेज के इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई अन्य बिंदुओं पर पूरी जानकारी देनी होगी। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के इस सर्वे के तहत स्टूडेंट्स के साथ कालेजों का हर ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।
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वहीं फर्जी डिग्री वालों का आसानी से सत्यापन हो सकेगा। विवि के कुल सचिव यूएस तोमर ने कालेजों को 28 फरवरी तक हर हाल में सभी डाटा वेबसाइट पर अपलोड करने के आदेश दिए हैं।
कालेज परेशान, कैसे भेजें विस्तृत डाटा
आरकेजीआईटीडब्ल्यू की निदेशिका डा. नीता अवस्थी ने बताया कि हायर एजूकेशन सर्वे में कालेजों से पिछले दो सत्रों का पूरा ब्योरा मांगा है। हर स्टूडेंट्स का कैटेगरी वाइस, फैकल्टी, संसाधनों के साथ बाकी विस्तृत जानकारी भेजना आसान नहीं है।
विवि के आदेश के बाद रिकॉर्ड को एकत्रित किया जा रहा है। कालेज की कोशिश डेडलाइन से पहले डाटा विवि को भेजने की है।