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गजब, अब साइकिल से भी चार्ज होगा मोबाइल
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Thu, 23 Jan 2014 05:06 PM IST
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क्वेस्ट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने प्रदूषण रहित व सस्ते रेट पर मिलने वाली साइकिल तैयार की है। साइकिल की विशेषता यह है कि यह पैडल मारकर चार्ज की जा सकती है।
सौर ऊर्जा से भी इसे चार्ज करने की सुविधा रहेगी। साइकिल में मोबाइल चार्जर, हेड लाइट, हार्न व एमएफ रेडियो रिसीवर की सुविधा भी रहेगी।
मेकेनिकल विभाग के विद्यार्थियों ने साइकिल तैयार की है। विद्यार्थियों ने बताया कि यह साइकिल एक आम साइकिल की तरह ही काम करती है। पैडल मारते हुए साइकिल के पहिए जब अपने डायमीटर के इर्द गिर्द घूमते हैं। तो साइकिल में लगी एक बैटरी को चार्ज कर देते हैं। जब सवार साइकिल चलाते हुए थक जाता है।
साइकिल की कीमत लगभग 10 हजार पड़ती है। इस प्रोजेक्ट पर नरेश कुमार, कुलविंदर सिंह, रजनीश और विभाग के एचओडी संदीप संधू और अध्यापक निखिल ठाकुर ने मिलकर काम किया।
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ग्रुप के मेकेनिकल विभाग के हेड इंजी. संदीप संधू ने बताया कि बेशक मार्केट में बिजली से चलने वाली साइकिल मिल जाती है, परंतु उन्हें बिजली से चार्ज करने का खर्च अधिक आता है।
जबकि एक बार बैटरी खत्म होने पर दोबारा चार्ज किए बिना उसे आगे चलाना संभव नहीं होता, जबकि इस साइकिल में को आसानी से चार्ज किया जा सकता है। किसी भी मौसम में साइकिल को चलाने में कोई दिक्कत नहीं आती। इसके साथ ही यह वातावरण प्रेमी साइकिल भी बन जाती है।
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सौर ऊर्जा से भी इसे चार्ज करने की सुविधा रहेगी। साइकिल में मोबाइल चार्जर, हेड लाइट, हार्न व एमएफ रेडियो रिसीवर की सुविधा भी रहेगी।
मेकेनिकल विभाग के विद्यार्थियों ने साइकिल तैयार की है। विद्यार्थियों ने बताया कि यह साइकिल एक आम साइकिल की तरह ही काम करती है। पैडल मारते हुए साइकिल के पहिए जब अपने डायमीटर के इर्द गिर्द घूमते हैं। तो साइकिल में लगी एक बैटरी को चार्ज कर देते हैं। जब सवार साइकिल चलाते हुए थक जाता है।
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साइकिल की कीमत लगभग 10 हजार पड़ती है। इस प्रोजेक्ट पर नरेश कुमार, कुलविंदर सिंह, रजनीश और विभाग के एचओडी संदीप संधू और अध्यापक निखिल ठाकुर ने मिलकर काम किया।
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ग्रुप के मेकेनिकल विभाग के हेड इंजी. संदीप संधू ने बताया कि बेशक मार्केट में बिजली से चलने वाली साइकिल मिल जाती है, परंतु उन्हें बिजली से चार्ज करने का खर्च अधिक आता है।
जबकि एक बार बैटरी खत्म होने पर दोबारा चार्ज किए बिना उसे आगे चलाना संभव नहीं होता, जबकि इस साइकिल में को आसानी से चार्ज किया जा सकता है। किसी भी मौसम में साइकिल को चलाने में कोई दिक्कत नहीं आती। इसके साथ ही यह वातावरण प्रेमी साइकिल भी बन जाती है।