{"_id":"34004294ebf9adb4d37b9188d11c28ca","slug":"notice-to-four-cbse-directors","type":"story","status":"publish","title_hn":"...ताकि कम करवाया जा सके बच्चों के बैग का बोझ","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
...ताकि कम करवाया जा सके बच्चों के बैग का बोझ
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 15 Nov 2013 01:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्राइमरी क्लास के बच्चों के बढ़ते बैग का बोझ कम करवाने के लिए वीरवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन के के जैन की अदालत में वकील अरविंद ठाकुर ने याचिका दायर की।
विज्ञापन
याचिका में ठाकुर ने कहा कि प्राइमरी कक्षा के बच्चों के भारी बैग उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने प्रशासन के एजुकेशन सेक्रेटरी वीके सिंह, डीपीआई स्कूल कमलेश कुमार, डीईओ राम कुमार और सीबीएसई के रीजनल डायरेक्टर को 10 दिसंबर के लिए नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
नोटिस में अदालत ने पूछा है कि 2005 में एनसीईआरटी और सीबीएसई की ओर जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है।
वकील अरविंद ठाकुर ने याचिका में कहा कि एक प्राइमरी कक्षा का छात्र 12 से 15 किलो वजन का बैग उठा रहा है। इसपर पीजीआई के एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर की ओर से की गई एक स्टडी रिपोर्ट भी लगाई गई है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में छोटी उम्र में ही बच्चों के स्कूल जाते वक्त भारी वजन के बैग उठाने के चलते में सर्वाइकल, स्पोंडिलाइटस और माइग्रेन जैसी बीमारियां होने की जानकारी दी है।
12 दिसम्बर 2010 नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट की ओर से किए एक आदेश में आयोग ने यह निर्देश दिल्ली के शिक्षा विभाग को दिए थे।
जिसमें स्कूली बैग का वजन कम करने को कहा था। आयोग ने सख्ती से कहा था कि अगर स्कूल बैग का वजन कम नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।