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मनमानी वसूली कर रहे 40 स्कूलों को नोटिस

Wed, 16 Apr 2014 06:41 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 16 Apr 2014 06:41 PM IST
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notice issued to schools

पब्लिक स्कूलों की ओर से लगातार की जा रही मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग नींद से जाग गया है। विभाग ने मंगलवार को शहर के 40 पब्लिक स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।

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मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली ने शिक्षा विभाग की शिकायत प्रकोष्ठ में आई कंप्लेन के आधार पर इन 40 स्कूलों को नोटिस जारी किया है।

इसलिए मिला नोटिस
इन स्कूलों में टीसी के लिए शुल्क वसूलने, बेतहाशा फीस बढ़ोत्तरी, कॉपी किताबें स्कूल में बेचने, बच्चों को फेल करने जैसी शिकायतें प्राप्त हुई थी।

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स्कूलों को निर्धारित समय के भीतर अपना जवाब देना होगा। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि जवाब न देने या फिर गलत जवाब देने पर स्कूलों की मान्यता खत्म करने की संस्तुति जैसा सख्त कदम उठाया जा सकता है।
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इन स्कूलों को जारी किया नोटिस
सेंट जोजेफ्स एकेडमी, एशियन स्कूल, सेंट कबीर एकेडमी, ओंकारानंद स्कूल, दून इंटरनेशनल स्कूल, सेंट जेवियर स्कूल, टाइम्स वर्ल्ड स्कूल, दून कैंब्रिज स्कूल, जीआरडी स्कूल, साइंग्रेस स्कूल, कारमन स्कूल, समरवैली स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, चिल्ड्रन मॉर्डन एकेडमी, टचवुड स्कूल, कांवेंट आफ जीसस एंड मैरी, समरफील्ड, डीएवी पब्लिक स्कूल, ग्रेस एकेडमी, राजा राम मोहन राय एकेडमी, डीपीएस, सनराइज, सेंट ज्यूड्स, न्यू एरा एकेडमी, गुरुनानक पब्लिक स्कूल प्रेमनगर, मार्शल स्कूल, पेसलवीड स्कूल, दून ब्लॉसम, सेंट मैरी, ब्राइट लैंड, मानवभारती, स्कॉलर्स होम, ऐन मैरी, जसवंत मॉर्डन, दून पब्लिक स्कूल, एसजीआरआर तालाब, पटेलनगर, सालावाला, वसंत विहार और लक्ष्मणपुर।


क्या होगी कार्रवाई
गत वर्ष न केवल शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी किए थे बल्कि जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने भी चार अधिकारियों की टीम को 60 स्कूलों की जिम्मेदारी सौंपी थी।

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इन सभी स्कूलों पर पूरा दबाव भी बनाया गया था लेकिन बाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के आश्वासन पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन बैकफुट पर आ गया था।

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