ITI करने के इच्छुक स्टूडेंट्स को मायूस कर सकती है ये खबर
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हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए प्रशिक्षण शुल्क के नियम स्वीकृत किए हैं। यह शुल्क ढांचा अगस्त 2015-16 से प्रभावी होगा।
औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि यह प्रशिक्षण शुल्क केंद्र सरकार के रोजगार एवं प्रशिक्षण महाप्रबंधक की गई सिफारिश के अनुसार स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रशिक्षण शुल्क नियमों को मानदंड के आधार पर अंतिम रूप दिया गया है।
इसके अनुसार, ट्रेड को केवल अभियांत्रिकी और गैर-अभियांत्रिकी समूह में वर्गीकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित आईटीआई के लिए अलग-अलग शुल्क ढांचे को अनुमति दी गई है, जिसके अनुसार शहरी क्षेत्रों में आईटीआई के लिए 10 प्रतिशत वृद्धि की अनुमति है।
2016 से शुरू होने वाले सत्र में प्रति वर्ष 7 प्रतिशत वृद्धि
प्रवक्ता ने बताया कि वर्ष 2016 से शुरू होने वाले सत्र के लिए प्रति वर्ष 7 प्रतिशत की समान वृद्धि की अनुमति दी जाएगी। प्रवक्ता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी आईटीआई के लिए अभियांत्रिकी ट्रेड के लिए 15000 रुपये प्रतिवर्ष और गैर-अभियांत्रिकी ट्रेड के लिए 12000 रुपये प्रतिवर्ष का प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसी प्रकार, शहरी क्षेत्रों में स्थित निजी आईटीआई के लिए अभियांत्रिकी ट्रेड के लिए 16500 रुपये प्रतिवर्ष और गैर-अभियांत्रिकी ट्रेड के लिए 13200 रुपये प्रतिवर्ष का प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है।
हालांकि, रोजगार एवं प्रशिक्षण महाप्रबंधक द्वारा अधिसूचित ढांचे के तहत 4 स्टार या 5 स्टार ग्रेडिंग में रेटिड आईटीआई 20 प्रतिशत अधिक शुल्क वसूल करने के पात्र होंगे।