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रामभरोसे 22 डिग्री कॉलेज, पढ़ाने को नहीं हैं टीचर
नवीन सक्सेना/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 01 Dec 2015 01:27 PM IST
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उत्तराखंड में उच्चशिक्षा का हाल सुधरा नहीं, लेकिन राजकीय डिग्री कॉलेजों की संख्या अवश्य बढ़ गई है।
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राज्य में करीब 22 डिग्री कॉलेज ऐसे हैं जहां पढ़ाने के लिए अब तक टीचर ही नहीं हैं। शिक्षा सत्र समाप्त होने में कुछ ही माह बचे हैं। मगर उच्चशिक्षा निदेशालय में अभी तक इंटरव्यू ही चल रहे हैं। छात्र इस बात से परेशान हैं कि कब इंटरव्यू समाप्त होंगे और शासन से हरी झंडी मिलने के बाद शिक्षक मिलेंगे।
राज्य में वर्ष 2014 जनवरी तक उच्चशिक्षा विभाग द्वारा संचालित राजकीय डिग्री कॉलेज 70 थे। सालभर में राजनीतिक दबाव के चलते एक के बाद एक नए डिग्री कॉलेजों की घोषणा होने के चलते अब डिग्री कॉलेजों की संख्या 70 से 94 हो गई है। सौ का आंकड़ा पार करने के लिए कुछ ही संख्या कम रह गई है।
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सूत्रों की मानें तो साल भर के भीतर कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में मुख्यमंत्री की घोषणा पर 24 नए डिग्री कॉलेज खोलने की शासन द्वारा मंजूरी दी गई। लेकिन नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद 24 में से केवल 20 डिग्री कॉलेज ही शुरू हो सके, जबकि इनमें से चार डिग्री कॉलेज अभी तक शुरू नहीं हो सके।
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इधर, नए शिक्षासत्र में डिग्री कॉलेज खुलने पर इनमें छात्र-छात्राओं ने एडमिशन भी लिया। मगर इनमें पढ़ाने के लिए टीचर्स का अभाव होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई नहीं हो सकी। इनमें कुछ कॉलेज ऐसे भी हैं जहां प्राचार्यों की तैनाती भी हो गई लेकिन पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं हैं।
डिग्री कॉलेजों की इस स्थिति को सुधारने के लिए उच्चशिक्षामंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश द्वारा सख्ती के बाद शासन और उच्चशिक्षा विभाग हरकत में आया और रिक्त पदों को गेस्ट फैकल्टी से भरने की प्रक्रिया शुरू हो सकी। अभी तक विज्ञान वर्ग, कामर्स वर्ग के अलावा हिंदी और अंग्रेजी विषय के अभ्यर्थियों के इंटरव्यू हो सके हैं।
जबकि कला वर्ग के अधिकांश विषयों के इंटरव्यू होने अभी बाकी हैं। विद्यार्थी इस बात से परेशान हैं कि विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षाएं शुरू होने में केवल चार माह शेष हैं, ऐसे में डिग्री कॉलेजों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों की कब तैनाती होगी और उनकी पढ़ाई पूरी हो सकेगी। कला वर्ग के विभिन्न विषयों के अभ्यर्थियों के तीसरे चरण के इंटरव्यू होने बाकी हैं। उसके बाद ही चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती हो सकेगी
कौन - कौन से डिग्री कॉलेजों में है टीचरों का अभाव
कुमाऊं मंडल में - बेतालघाट (नैनीताल), दुग नाखुरी (बागेश्वर), तल्ला सल्ट (अल्मोड़ा), भतरौजखान (अल्मोड़ा), मासी (अल्मोड़ा), लमगड़ा (अल्मोड़ा), शीतलाखेत (अल्मोड़ा), गड़ाई गंगौली (पिथौरागढ़), मुआनी (पिथौरागढ़), बनबसा (चंपावत) और सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)।
गढ़वाल मंडल में - कोटद्वार भांवर (पौड़ी), पोखरा (पौड़ी), घाट चमौली (चमौली), नंदा सैंण (चमौली) ब्रहमखाल (उत्तरकाशी), पोखरी पट्टी क्यूली (टिहरी), पावकी देवी (टिहरी), मंगलौर (हरिद्वार), मरगूबपुर (हरिद्वार), महिला कालेज खानपुर (हरिद्वार) और रायपुर (देहरादून) आदि शामिल हैं।
प्रदेश के नवसृजित राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों का अभाव जल्द खत्म हो जाएगा। जिन विषयों के इंटरव्यू हो चुके हैं उनमें चयनित गेस्ट फैकल्टियों की तैनाती दिसंबर के प्रथम सप्ताह में ही कर दी जाएगी। साइंस, कामर्स और हिंदी और अंग्रेजी विषय में चयनित अभ्यर्थियों की सूची को शासन से हरी झंडी मिलते ही तैनाती कर दी जाएगी। उच्चशिक्षामंत्री के भी यही आदेश हैं कि गेस्ट फैकल्टी की तैनाती जल्द कर दी जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
- डॉ. बीसी मेलकानी, प्रभारी निदेशक उच्चशिक्षा, उत्तराखंड