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नर्सरी दाखिला: पैरेंट्स को मिली एक और बड़ी राहत
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 29 Jan 2014 01:43 PM IST
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नर्सरी दाखिलों के दौरान निजी स्कूल बच्चों या अभिभावकों का इंटरव्यू, काउंसलिंग व टेस्ट नहीं ले सकते। यदि स्कूल ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ शिक्षा निदेशालय में शिकायत की जा सकती है।
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शिकायत मिलने पर निदेशालय की ओर से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूलों को गरीब कोटे का दाखिला रद्द करने के वजहों की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग भी करनी होगी।
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दाखिले की रेस में इंटरव्यू, काउंसलिंग व टेस्ट को लेकर अभिभावकों में बन रहे असमंजस की स्थिति को निदेशालय ने दूर कर दिया है।
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निदेशालय ने स्कूलों को अभिभावकों व बच्चों में से किसी का भी इंटरव्यू (स्क्रीनिंग) करने, काउंसलिंग करने व लिखित व मौखिक टेस्ट लिए जाने की मनाही की है।
सोमवार को निदेशालय की ओर से जारी किए गए दाखिले से संबंधित एफएक्यू (फ्रिक्वेंटली आस्कड क्वेश्चंस) में स्थिति को स्पष्ट किया गया है। निदेशालय का मानना है कि ऐसा होने से दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
यदि कोई स्कूल किसी भी तरह से अभिभावकों से या बच्चों से कुछ पूछने का प्रयास करता है तो अभिभावक इसकी शिकायत निदेशालय को कर सकते हैं।
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निदेशालय की ओर से यह भी साफ किया गया है कि अक्षम बच्चे के दाखिले के लिए ओपन कोटा (सामान्य) के तहत आवेदन कर सकते हैं। ऐसे बच्चे का आवेदन फ्री शिप कोटा (गरीब वर्ग) के तहत स्वीकार नहीं होगा।
इसके साथ ही यदि स्कूल किसी कारण से गरीब कोटे के दाखिले को रद्द करते हैं तो स्कूल को इसका कारण रिकॉर्ड करना होगा और अभिभावकों को इसका कारण बताना होगा।
निदेशालय का मानना है कि इससे गरीब कोटे के तहत होने वाले दाखिलों में भी पारदर्शिता बनी रहेगी और अभिभावक भी किसी तरह का आरोप नहीं लगा सकेंगे।
स्कूल क्यों वसूल रहे हैं फॉर्म प्रोसेसिंग फीस?
अभिभावकों को ऑनलाइन फॉर्म जमा कराना महंगा पड़ रहा है। स्कूलों की ओर से ऑनलाइन फॉर्म जमा कराने के एवज में प्रोसेसिंग फीस वसूली जा रही हैं। जबकि नियमों के मुताबिक फार्म रजिस्ट्रेशन के अलावा स्कूल कोई चार्ज नहीं वसूल सकते हैं।
साकेत स्थित एमिटी स्कूल ने ऑनलाइन फॉर्म के साथ 300 रुपये प्रोसेसिंग फीस क्रेडिट व डेबिट कार्ड से जमा कराने को कहा है। इसी तरह से पीतमपुरा स्थित बाल भारती स्कूल ने 25 रुपये प्रोसेसिंग राशि डिमांड ड्रॉफ्ट से जमा कराने को कहा जा रहा है।