{"_id":"e90736c5b710de7a0cb4ed5d553eee6e","slug":"no-hearing-of-uptu-student","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्यपाल तो पसीजे, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
राज्यपाल तो पसीजे, लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 15 Jan 2014 10:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बख्शी का तालाब क्षेत्र में स्थित जीसीआरजी इंजीनियरिंग कॉलेज में पॉलीटेक्निक के छात्र शिवम मिश्रा की शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
विज्ञापन
जहां कॉलेज प्रशासन स्टूडेंट पर दबाव बनाकर समझौता करना चाहता है वहीं यूपीटीयू ने भी अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की है। यूपीटीयू के कुलपति और एंटी रैगिंग सेल ने भी अब तक उस छात्र की कोई सुधि नहीं ली है।
विज्ञापन
जबकि कुलाधिपति बीएल जोशी ने सोमवार को ही कुलपति सम्मेलन में रैगिंग पर चिंता जताई थी। इसके बाद अब रैगिंग पीड़ित छात्र के परिवारीजन राज्यपाल से मिलकर मामले की शिकायत करने का फैसला किया है।
विज्ञापन
रैगिंग का आरोप लगाने वाले स्टूडेंट शिवम मिश्रा का कहना है कि उसकी हालत ठीक नहीं है। डॉक्टरों ने आराम करने की ही सलाह दी है।
मगर फिर भी हिम्मत जुटाकर बुधवार को राज्यपाल बीएल जोशी से मामले की शिकायत करने जाऊंगा। क्योंकि कॉलेज प्रशासन हम पर लगातार समझौता करने का दबाव बना रहा है।
वहीं पुलिस प्रशासन भी इस पूरे मसले को दबाने में जुटा है। इस बीच यूपीटीयू के कुलपति डॉ. आरके खांडल का कहना है कि अगर कॉलेज दोषी पाया गया तो सख्त कार्रवाई करेंगे।
उधर यूपीटीयू की एंटी रैगिंग सेल के चेयरमैन प्रो. जगवीर सिंह का कहना है कि मैं छुट्टी पर था। सबसे कॉलेज से इस मामले की रिपोर्ट मांगेंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।