फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   no decision on fee at hpu.

छात्रों को बड़ा झटका, एचपीयू ने नहीं कम की फीस

Thu, 09 Jul 2015 09:42 AM IST
Updated Thu, 09 Jul 2015 09:42 AM IST
विज्ञापन
no decision on fee at hpu.

एचपी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ा झटका लगा है। फीस कम करने समेत कई बड़े प्रस्ताव अटक गए हैं। इससे छात्रों की फीस कम होने की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। काफी समय से फीस वृद्घि का विरोध कर रहे छात्र एक बार फिर अब प्रशासन के खिलाफ उग्र हो सकते  हैं।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि फीस को लेकर बनी हाई पॉवर कमेटी की रिपोर्ट को बैठक में नहीं रखा है। फिलहाल फीस कम किए जाने पर कोई फैसला वित्त कमेटी में नहीं हुआ है। कर्मचारियों के सचिवालय वेतन पर भी कोई चरचा नहीं हुई है। कहा कि कुछ अलग अलग श्रेणी के पदों को भरे जाने पर फैसला जरूर लिया है।
विज्ञापन

वित्तीय लाभ पर भी अटका फैसला

no decision on fee at hpu.

प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार कर्मचारियों को 1971 से सचिवालय वेतन के रूप में मिल रहे वित्तीय लाभ को समाप्त करने और फीस कम करने पर कोई फैसला नहीं ले पा रहे। बुधवार विश्वविद्यालय की वित्त कमेटी में इन दोनों मुद्दों पर कोई फैसला नहीं हो पाया।

कुलपति प्रो.एडीएन वाजपेयी की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त कमेटी के एजेंडा में मुद्दों के साथ विवि के वित्त से संबंधित करीब 22 मामलों पर चरचा हुई और इस पर फैसले भी लिए गए। इन मामलों को जिसे कार्यकारी परिषद से ही अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाना है।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में विश्वविद्यालय में चल रही शिक्षकों की कमी और भर्ती प्रक्रिया में लग रहे लंबे समय को देखते हुए सालों से विवि के सेल्फ फाइनेंसिंग कोर्स संस्थानों में कार्यरत अस्थाई शिक्षकों को अनुबंध पर लाए जाने और रेगुलर किए जाने को विशेष कमेटी गठित करने तथा पॉलिसी बनाए जाने पर चरचा हुई। इससे इन शिक्षकों को तोहफा मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। वित्त कमेटी ने सालों से विवि में रिक्त चल रहे गैर शिक्षकों के पदों को भरे जाने को भी हरी झंडी दिए जाने पर फैसला लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed