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सरकार की 'गरीबी' से लगा भविष्य पर ब्रेक
अमर उजाला, अंशुल डांगी, देहरादून
Updated Sat, 28 Sep 2013 01:01 PM IST
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समय पर बजट न मिलने से पंचायत युवा क्रीड़ा एवं खेल अभियान की राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं की राह में रोड़े अटक गए हैं।
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आलम यह है कि अब तक ब्लाक और जिला स्तरीय ग्रामीण खेलकूद भी नहीं हो सके हैं। ग्रामीण स्तर पर खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत पाइका खेलकूद प्रतियोगिताएं कराता है। अंडर-16 वर्ग में 10 और महिला ओपन वर्ग में 6 खेल प्रतियोगिताएं होती हैं।
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हालांकि महिला ओपन वर्ग की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता के लिए राज्य सरकार से प्रति ब्लाक 20 हजार रुपए स्वीकृत हो चुका है, लेकिन प्रतियोगिता शुरू नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है अंडर-16 वर्ग के लिए बजट मिलने के बाद दोनों प्रतियोगिताएं साथ होंगी।
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बजट न मिलने से ये लटक गई प्रतियोगिता
दूसरी ओर, अक्तूबर महीने के तीसरे सप्ताह में पाइका की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं प्रस्तावित हैं। इसके बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए राज्य की टीम का चयन किया जाना है। लेकिन अब तक केंद्र से बजट न मिलने से ये लटक गई हैं। महिला वर्ग में जिला और राज्य स्तर और अंडर 16 के सभी स्तरों के लिए केंद्र से ही बजट मिलता है।
उधर, नवंबर में कई स्कूलों में गृह परीक्षाएं होने के कारण खिलाड़ियों के राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खेलने पर भी असमंजस की स्थिति बनने लगी है।
ये होते हैं खेल
महिला ओपन वर्ग - वालीबाल, कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, बैडमिंटन
अंडर 16 वर्ग - वालीबाल, कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, बाक्सिंग, जूडो, ताइक्वांडो, फुटबाल
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