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नकलचियों में फिट थी ये नन्ही डिवाइस

Mon, 30 Sep 2013 07:59 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 30 Sep 2013 07:59 AM IST
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no body see  device fitted in imitators

देहरादून में हाईटेक नकलचियों ने जिस माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस का इस्तेमाल किया, वह इतनी छोटी है कि इसे पकड़ पाना संभव नहीं था।

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सूचना पर पहुंची पुलिस भी एकबारगी भौंचक्की रह गई थी, लेकिन जब सघन तलाशी में मोबाइल मिले तो नकल की पुष्टि हो गई। एसजीआरआर बिंदाल के प्रधानाचार्य अनिल ममगाईं ने बताया कि स्कूल में 507 परीक्षार्थी आए थे। मौके पर पुलिस भी मौजूद थी।
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हर परीक्षार्थी को तलाशी के बाद ही भीतर भेजा गया। इसके बावजूद यहां राजेश और स्वाति नकल करते पकड़े गए। ममगाईं के मुताबिक पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन पहली नजर में पता ही नहीं चला कि दोनों के पास कोई डिवाइस है। सघनता से जांच हुई तो दोनों के कान में लगी नन्ही डिवाइस नजर आई। इसके बाद राजेश की पैंट के भीतर सिला हुआ मोबाइल मिला, जबकि स्वाति ने अपने सूट के भीतर मोबाइल छिपा रखा था।

पुलिस को थी खुफिया जानकारी
ममगाईं ने बताया कि नकल के संबंध में पुलिस को पहले ही खुफिया जानकारी मिल गई थी। पुलिस ने उन्हें आगाह किया था। इसके बाद उन्होंने भी सभी कक्ष निरीक्षकों से विशेष सावधानी रखने और हर परीक्षार्थी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कहा था।

ऐसे करती है डिवाइस काम
तकनीकी विशेषज्ञ आशीष सिंह बताते हैं कि आम ब्लूटूथ डिवाइस कान में नजर आ जाती है। लेकिन नकल जैसे मामले में माइक्रो ब्लूटूथ डिवाइस प्रयोग की जाती है। यह डिवाइस कान में भीतर लगती है और नजर नहीं आती। इसमें लगा माइक्रोफोन आवाज भेजता है। एक बार फोन से कनेक्ट होने के बाद फोन पर रिंगटोन नहीं सुनाई देती।

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