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नर्सरी दाखिला : अब नहीं होगी बैक डोर एंट्री

Fri, 27 Dec 2013 05:01 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 27 Dec 2013 05:01 PM IST
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No back door entry on nursery admission

दिल्ली के स्कूलों में नर्सरी में दाखिले के लिए शुरू होने जा रही रेस में निजी स्कूल प्रशासन सीटों को दिखाने में हेरफेर नहीं कर सकेंगे। स्कूलों को सीटों की संख्या का निर्धारण बीते तीन सत्रों को ध्यान में रखकर करना होगा।

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दरअसल मैनेजमेंट कोटा समाप्त होने से स्कूल सामान्य वर्ग की सीटों को कम दिखाने का प्रयास कर सकते हैं या ऐसा भी संभव है कि दाखिला प्रक्रिया शुरू होने पर सीटों की संख्या ही न बताएं।
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शिक्षा निदेशक अमित सिंघला के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सीटों का निर्धारण बीते सत्रों 2011-12, 2012-13 और 2013-14 में हुए दाखिले के आधार पर करना होगा।
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इनमें से जिस भी सत्र में सबसे ज्यादा दाखिले हुए होंगे उतनी सीटों पर सत्र 2014-15 में एडमिशन करने होंगे। स्कूल सीटों में किसी भी तरह से कटौती नहीं कर सकेंगे। उन्हें नियमों के मुताबिक ही दाखिले देने होंगे।

एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम के प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि हर साल कुछ नामी स्कूल सीटों की संख्या बताते नहीं या तय सीटों की संख्या कम दिखाते हैं जबकि कुछ स्कूल हर सीट की जानकारी अपनी वेबसाइट पर जारी करते हैं।

इस बार जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि स्टाफ कोटे की सीटें बचने पर वह जनरल सीटों में आनी चाहिए, लेकिन कई स्कूलों में स्टाफ कोटा बच जाता है लेकिन वह इन्हीं सीटों पर दाखिले बैक डोर एंट्री से करते हैं। इस बार मैनेजमेंट कोटा समाप्त होने के कारण सामान्य वर्ग के तहत सीटों की संख्या बढ़ गई है।

संभव है कि कुछ स्कूल कुल सीटों की संख्या में ही हेरफेर करने का प्रयास करें। ऐसे में उन्होंने सलाह दी है कि यदि अभिभावकों को सीटों की संख्या को लेकर या अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी का शक हो तो वह शिक्षा निदेशालय और एडमिशन नर्सरी डॉटकॉम पर जरूर से सूचना दें।


‘स्टाफ कोटा की मॉनिटरिंग हो’

सुमित वोहरा का कहना है कि पांच फीसदी स्टाफ कोटा के जरिए स्कूल इस पर डोनेशन वाले एडमिशन ले सकते हैं। लिहाजा उन्होंने निदेशालय से इस कोटे की मॉनिटरिंग करने की मांग की है। यह भी देखा जाए कि इन सीटों को स्टाफ कोटे से भरा जाए और खाली रहने पर सामान्य वर्ग के दाखिले हों।

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