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ऑस्ट्रेलिया में पंजाब-हरियाणा के स्टूडेंट्स पर बैन

Thu, 24 Jul 2014 09:40 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर Updated Thu, 24 Jul 2014 09:40 AM IST
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No Admission to Punjab-Haryana Students in Australia Univiersities

ऑस्ट्रेलिया के बड़े विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर भविष्य बनाने के लिए वहां जाने वाले पंजाब और हरियाणा के विद्यार्थियों को झटका लगा है। तीन नामी यूनिवर्सिटी ने पंजाब और हरियाणा के विद्यार्थियों के दाखिला आवेदन लेने बंद कर दिए हैं।

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बिना कारण बताए उनके आवेदन वापस भेजे जा रहे हैं। ये तीन विश्वविद्यालय हैं- क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, होम्सग्लैन इंस्टीट्यूट मेलबर्न और यूनिवर्सिटी ऑफ कैनबरा।
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इन यूनिवर्सिटियों में डेढ़ साल में भारतीय मूल के 50 हजार विद्यार्थी दाखिला ले चुके हैं। तीनों यूनिवर्सिटी काफी महंगी है। इनमें एक साल की फीस 20 हजार ऑस्ट्रेलियाई डालर है यानी करीब 10 लाख रुपये प्रति वर्ष। पंजाब और हरियाणा के विद्यार्थियों में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का क्रेज है।
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ऑस्ट्रेलिया की 45 यूनिवर्सिटी में एशियाई मूल के लाखों विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते हैं लेकिन पंजाब व हरियाणा के अधिकतर विद्यार्थी इन्हीं तीनों विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते हैं।

इसलिए पैदा हुआ संकट

No Admission to Punjab-Haryana Students in Australia Univiersities

ऑस्ट्रेलिया की 45 यूनिवर्सिटी सरकार की ओर से अधिकृत हैं जिन्हें विश्वस्तरीय माना जाता है। पहले पंजाबी व हरियाणा के छात्र किसी छोटे मोटे कालेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर टैक्सी चलाने या दूसरे काम धंधे में लग जाते थे। इसका खुलासा होने के बाद ऑस्ट्रेलिया सरकार ने ऐसे कालेजों व यूनिवर्सिटी पर प्रतिबंध लगा दिया था।

सिर्फ नामी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों को ही वीजा दिया जाने लगा था। छोटे कालेजों में जिस कोर्स की फीस 3-4 लाख रुपये थी उसी कोर्स की फीस नामी यूनिवर्सिटी में 10-12 लाख रुपये थी। पंजाबी व हरियाणा मूल के विद्यार्थियों ने मजबूरी में नामी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना शुरू कर दिया।

पिछले दो साल में बड़ी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के बाद पंजाब व हरियाणा के  ज्यादातर विद्यार्थियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए कि वे किसी अन्य शहर में रहना चाहते हैं और कोर्स चेंज करना चाहते हैं। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के टेफ कॉलेज ने तो जालंधर स्थित अपनी अधिकृत एजेंसी त्रिवेदी ओवरसीज को जानकारी दी है कि उनके कालेज में पंजाब व हरियाणा के करीब 400 विद्यार्थी पहले साल में कोर्स व शहर बदलना चाहते हैं। इससे कालेज को दिक्कत आ रही है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने की सख्ती

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जालंधर स्थित त्रिवेदी ओवरसीज के एमडी व ऑस्ट्रे्लिया स्टडी के अधिकृत एजेंसी संचालक सुकांत का कहना है कि पंजाब व हरियाणा के विद्यार्थी वहां पहुंचने के बाद किसी ऐसे कालेज में दाखिला ले लेते हैं जहां फीस 3-4 लाख रुपये ही है।

चूंकि छोटे कालेजों के विद्यार्थियों को वीजा मिलना मुश्किल होता है इसलिए वे पहले नामी यूनिवर्सिटी की 10-12 लाख रुपये फीस भरकर ऑस्ट्रेलिया पहुंचते हैं और अगले साल की फीस बचाने के लिए छोटे कालेजों में दाखिला ले लेते हैं।

इससे यूनिवर्सिटी की सारी योजना गड़बड़ हो जाती है। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने अब सख्ती कर दी है कि एक साल तक यूनिवर्सिटी को छोड़ा नहीं जा सकता है।

नतीजतन तीनों नामी यूनिवर्सिटी क्वींसलैंड, होम्सग्लैन, यूनिवर्सिटी ऑफ कैनबरा ने पंजाब व हरियाणा के विद्यार्थियों के आवेदन लेने बंद कर दिए हैं। पंजाब व हरियाणा के पासपोर्ट देखकर आवेदन वापस भेज रहे हैं।

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