{"_id":"3bcde61b546771078d23c01f38be1a54","slug":"no-admission-to-diploma-holders-in-cca-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होल्डरों के लिए ये बुरी खबर","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होल्डरों के लिए ये बुरी खबर
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 19 Apr 2014 08:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर कालेज में शुमार सेक्टर-12 स्थित चंडीगढ़ कालेज ऑफ आर्किटेक्चर(सीसीए) में अब इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों के लिए दाखिले के रास्ते बंद कर दिए गए हैं। अब सिर्फ 12वीं नॉन मेडिकल पास और जेईई के तहत आने वाले विद्यार्थियों को ही 40 सीटों पर दाखिला दिया जाएगा।
सीसीए ने 2013 से 10वीं के बाद तीन साल का पालिटेक्निक कालेज से डिप्लोमा धारकों को दाखिला देने से मना कर दिया है। नियमों के तहत डिप्लोमा करने के बाद विद्यार्थियों की सीबीएसई की ओर से आयोजित एआईईईईई टेस्ट क्लीयर कर सीसीए में दाखिला मिल जाता था। लेकिन कालेज ने अब डिप्लोमा धारकों को दाखिला देना बंद कर दिया है।
छात्रों का भविष्य अधर में
सैंकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में शहर के विभिन्न टेक्निकल पालिटेक्नि से सैंकड़ों की संख्या में डिप्लोमा कर बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर(बीआर्क) में दाखिला लेना चाहते हैं। लेकिन डिप्लोमा धारकों को सीसीए में दाखिले से वंचित किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। भविष्य में भी डिप्लोमा करने वालों की संख्या में कमी आएगी।
विज्ञापन
कोर्ट जाने की तैयारी
अभिभावक एनके झिंगन ने बताया कि बेटी अविशा ने जीपीए-10 से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया है। उन्होंने यह सोचकर डिप्लोमा कराया था कि बाद में सीसीए में भी दाखिला का चांस बना रहेगा। तीन साल के कोर्स के बाद अब नियम बदलने से दाखिले में दिक्कत आएगी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने बेटी का जेईई टेस्ट दिलाया है। करीब 40 अन्य छात्राओं ने भी टेस्ट दिया है। उनका कहना है कि अगर कालेज डिप्लोमा धारकों को दाखिले से मना करेगा तो वह कोर्ट जाने के लिए भी तैयार हैं।
कोट्स
कालेज ने सीबीएसई के आदेश पर ही डिप्लोमा धारकों के दाखिले पर पिछले सत्र से रोक लगाई है। इससे पहले के 8-10 विद्यार्थी इसी माध्यम से दाखिल हुए थे। मेरा मानना है कि नियमों में बदलाव से पहले डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों को समय दिया जाना चाहिए था।
प्रदीप भगत, प्रिंसिपल, सीसीए-सेक्टर 12 चंडीगढ़
विज्ञापन
सीसीए ने 2013 से 10वीं के बाद तीन साल का पालिटेक्निक कालेज से डिप्लोमा धारकों को दाखिला देने से मना कर दिया है। नियमों के तहत डिप्लोमा करने के बाद विद्यार्थियों की सीबीएसई की ओर से आयोजित एआईईईईई टेस्ट क्लीयर कर सीसीए में दाखिला मिल जाता था। लेकिन कालेज ने अब डिप्लोमा धारकों को दाखिला देना बंद कर दिया है।
विज्ञापन
छात्रों का भविष्य अधर में
सैंकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में शहर के विभिन्न टेक्निकल पालिटेक्नि से सैंकड़ों की संख्या में डिप्लोमा कर बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर(बीआर्क) में दाखिला लेना चाहते हैं। लेकिन डिप्लोमा धारकों को सीसीए में दाखिले से वंचित किए जाने से विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। भविष्य में भी डिप्लोमा करने वालों की संख्या में कमी आएगी।
विज्ञापन
कोर्ट जाने की तैयारी
अभिभावक एनके झिंगन ने बताया कि बेटी अविशा ने जीपीए-10 से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा हासिल किया है। उन्होंने यह सोचकर डिप्लोमा कराया था कि बाद में सीसीए में भी दाखिला का चांस बना रहेगा। तीन साल के कोर्स के बाद अब नियम बदलने से दाखिले में दिक्कत आएगी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने बेटी का जेईई टेस्ट दिलाया है। करीब 40 अन्य छात्राओं ने भी टेस्ट दिया है। उनका कहना है कि अगर कालेज डिप्लोमा धारकों को दाखिले से मना करेगा तो वह कोर्ट जाने के लिए भी तैयार हैं।
कोट्स
कालेज ने सीबीएसई के आदेश पर ही डिप्लोमा धारकों के दाखिले पर पिछले सत्र से रोक लगाई है। इससे पहले के 8-10 विद्यार्थी इसी माध्यम से दाखिल हुए थे। मेरा मानना है कि नियमों में बदलाव से पहले डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों को समय दिया जाना चाहिए था।
प्रदीप भगत, प्रिंसिपल, सीसीए-सेक्टर 12 चंडीगढ़